Rajasthan Education News : ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने के उद्देश्य से धौलपुर में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। ‘शिक्षा आपके द्वार’ जन-जागरूकता अभियान के तहत हुनर शक्ति फाउंडेशन ने प्रवेश रैली निकालकर अभिभावकों और बच्चों को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया।
✍️ उत्तम दीक्षित |
न्यूज़ डायरी टुडे, राजस्थान।
Dholpur News :- राजस्थान के धौलपुर जिले के सिंघा वली बरेह स्थित महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार (25 अप्रैल 2026) को हुनर शक्ति फाउंडेशन के नेतृत्व में प्रवेश रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना और ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ना रहा।
अभियान का उद्देश्य क्या है
संस्था के प्रमुख प्रशांत शर्मा ने बताया कि ‘शिक्षा आपके द्वार’ अभियान खासतौर पर उन बच्चों के लिए चलाया जा रहा है जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से पढ़ाई से दूर हो गए हैं। संस्था ऐसे बच्चों को निःशुल्क किताबें और स्टेशनरी उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से स्कूल भेजने में मदद कर रही है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान जून माह तक राजस्थान के विभिन्न जिलों में चलाया जाएगा और इसके लिए संस्था के सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रैली में छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी
प्रवेश रैली में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और संस्था के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर गांव में रैली निकाली और “हर बच्चा स्कूल जाए, देश का भविष्य बनाएं” तथा “शिक्षा है अधिकार हमारा” जैसे नारों से लोगों को प्रेरित किया।
रैली गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों को संदेश
विद्यालय के संस्था प्रधान गोविंद प्रसाद गर्ग ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभियान शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को भी संबोधित किया गया और उन्हें अपने बच्चों का नामांकन नजदीकी राजकीय विद्यालयों में कराने के लिए प्रेरित किया गया।
सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई
शिक्षकों ने बताया कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, मिड-डे मील और छात्रवृत्ति जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभिभावकों से अपील की गई कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करें।