नोएडा के छिजारसी गांव से बिजली व्यवस्था को लेकर ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 13 हजार घरों में मीटर लगे होने के बावजूद सरकारी खजाने में बिजली बिल का पैसा नहीं पहुंचने का दावा किया गया है। STC की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले पर नाराजगी जताते हुए UPPCL से जवाब तलब किया है।
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नोएडा न्यूज़ | गौतमबुद्धनगर (नोएडा) के छिजारसी गांव में लगभग 13,000 ऐसे घर हैं जहां धड़ल्ले से बिजली का इस्तेमाल हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन घरों के बाहर बाकायदा बिजली के मीटर भी लगे हुए हैं। हर महीने इन उपभोक्ताओं से बिजली बिल के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली की जाती है, लेकिन यह मोटी रकम बिजली विभाग के पास जाने के बजाय एक शातिर सिंडिकेट की जेब में जा रही है। बता दें कि इस योजनाबद्ध लूट का पर्दाफाश ‘स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन’ (STC) के CEO मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक उच्च स्तरीय बैठक में किया। रिपोर्ट सामने आते ही मुख्यमंत्री बेहद नाराज हो गए। उन्होंने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन आशीष गोयल को कड़ी फटकार लगाई और इस लापरवाही पर तुरंत जवाब तलब किया है।
डूब क्षेत्र में अवैध इमारतों का साम्राज्य!
गाजियाबाद और नोएडा में यमुना नदी के किनारे स्थित खादर डूब क्षेत्र (Flood Zone) में नियमों को ताक पर रखकर बड़ी-बड़ी बहुमंजिला इमारतें और सैकड़ों आलीशान फार्म हाउस खड़े कर दिए गए हैं। यह पूरा निर्माण अवैध है, फिर भी ये सभी इलाके बिजली की रोशनी से जगमगा रहे हैं।
उठते हुए गंभीर सवाल!
इस खुलासे ने प्रशासन और बिजली विभाग की कार्य
प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जब खादर क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित और अवैध है, तो वहां धड़ल्ले से बिजली के कनेक्शन कैसे जारी कर दिए गए?।इतने बड़े पैमाने पर लगे अवैध मीटरों और तारों के जाल को स्थानीय बिजली अधिकारियों ने समय रहते क्यों नहीं देखा?।करोड़ों रुपये की इस मासिक अवैध वसूली का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और विभाग के कौन-कौन से अधिकारी इस सिंडिकेट से मिले हुए हैं?।इस मामले के सामने आने के बाद अब नोएडा पावर विभाग (PVVNL) और विजिलेंस टीम ने क्षेत्र में सख्त चेकिंग अभियान और FIR दर्ज करने की कार्रवाई तेज कर दी है।