युवतियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर दिल्ली के लक्ष्मीबाई कॉलेज में ‘स्वयं सिद्धा युवती सम्मेलन-26’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में फेलिक्स हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रश्मि गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में युवतियों को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, शिक्षा पर ध्यान देने और आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के लिए आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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नई दिल्ली/नोएडा। महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को लेकर युवतियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली के लक्ष्मीबाई कॉलेज में ‘स्वयं सिद्धा युवती सम्मेलन-26’ का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में फेलिक्स हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रश्मि गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
सम्मेलन की थीम ‘संगम नारी का, उत्सव शक्ति का’ रही। कार्यक्रम में युवतियों को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
‘स्वयंसिद्धा’ का मतलब है अपनी क्षमता पर विश्वास
डॉ. रश्मि गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि ‘स्वयंसिद्धा’ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना का प्रतीक है। आज की युवती किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और उसे अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने युवतियों से अपने सपनों को सीमित नहीं करने और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की वास्तविक शुरुआत स्वयं महिला से होती है।
स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें युवतियां
डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि शिक्षा और करियर जितने महत्वपूर्ण हैं, उतना ही जरूरी महिलाओं का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी है। अक्सर महिलाएं परिवार और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पातीं, जिसका असर आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है।
उन्होंने युवतियों से अपने शरीर में होने वाले बदलावों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर खुलकर बात करने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर है।
उन्होंने संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

शिक्षा से बढ़ता है आत्मविश्वास और अधिकारों की समझ
सम्मेलन में महिला शिक्षा को भी महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार के अवसरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और निर्णय लेने की क्षमता के प्रति जागरूक बनाती है।
शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं परिवार के महत्वपूर्ण फैसलों में प्रभावी भूमिका निभाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को भी बेहतर दिशा देने में सक्षम होती हैं।
समाज और देश के विकास में युवतियों की अहम भूमिका
डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि आज की युवती केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है। वह शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, व्यवसाय, विज्ञान, खेल और सामाजिक क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है।
उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि युवतियों को सही मार्गदर्शन, बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध हों, ताकि वे अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। परिवार और समाज को भी महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर देने होंगे।
‘स्वयं सिद्धा युवती सम्मेलन’ का उद्देश्य
‘स्वयं सिद्धा युवती सम्मेलन’ विभिन्न कॉलेज कैंपसों में आयोजित होने वाले महिला सशक्तीकरण कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। इसका आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एबीवीपी के नेतृत्व वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की ओर से किया जा रहा है।
सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक बनने के लिए प्रेरित करना है।
