नोएडा को और अधिक हराभरा एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण इस मानसून में 2.5 लाख पौधे लगाने जा रहा है। खास बात यह है कि वृक्षारोपण अभियान में फलदार और देशी प्रजाति के पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे पक्षियों को भोजन और सुरक्षित आश्रय मिल सके। जियो टैगिंग, ट्री गार्ड और तीन साल तक देखभाल जैसी व्यवस्थाओं के साथ यह अभियान शहर की हरित पहचान को नई मजबूती देगा।
News Diary Today, Noida |
Noida : वर्षा ऋतु की शुरुआत से पहले नोएडा प्राधिकरण का उद्यान विभाग वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों में जुट गया है। इस मानसून में लगभग 2.5 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इस बार अभियान की खास बात यह है कि पक्षियों के आवास एवं भोजन को प्राथमिकता देते हुए बड़ी संख्या में फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे।बता दें कि उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नर्सरियों में पौधों की तैयारी अंतिम चरण में है और मानसून की पहली बारिश के साथ ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा और पौधों के चयन में जैव विविधता तथा पर्यावरण संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है और इस वर्ष वृक्षारोपण में पक्षियों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्राधिकरण आम, जामुन, अमरूद, आंवला, अर्जुन, जकरंडा, ट्यूबिबिया, बकाइन, सहजन, मोरिंगा, गुलमोहर, अशोक, पीपल, बरगद, नीम और गूलर जैसे पौधों का रोपण करेगा। इन वृक्षों से पक्षियों को न केवल आश्रय मिलेगा, बल्कि वर्ष भर भोजन भी उपलब्ध होगा और उद्यान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “शहरीकरण के कारण पेड़ों की संख्या घटी है और पक्षियों के प्राकृतिक आवास नष्ट हुए हैं। फलदार पेड़ लगाने से गौरैया, मैना, तोता, कोयल, बुलबुल जैसे स्थानीय पक्षियों की संख्या बढ़ाने में सहायता मिलेगी” और 60% पौधे देशी प्रजाति के होंगे जिनमें नीम, पीपल, बरगद, पिलखन, अर्जुन, शीशम, कदंब, अमलतास के साथ आम, जामुन, आंवला, बेल, कटहल जैसे फलदार वृक्ष होंगे और 40% पौधे सजावटी एवं औषधीय तथा वायु शुद्ध करने वाले पौधों को भी प्राथमिकता दी गई है और नोएडा प्राधिकरण ने पिछले मानसून में 2.1 लाख से अधिक पौधे लगाए थे, जिनमें से 85% से अधिक पौधे जीवित हैं। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 2.5 लाख किया गया है और प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी करें और लगाए गए पौधों की सुरक्षा में सहयोग दें। बारिश शुरू होते ही अभियान को पूरी गति दी जाएगी। News Diary Today
पौधों के बचाव और देखभाल के लिए प्राधिकरण ने चार स्तरीय व्यवस्था की है!
जियो टैगिंग-हर पौधे की जियो टैगिंग की जाएगी, ताकि निगरानी आसान हो
देखभाल- 3 साल तक नियमित सिंचाई, खाद एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी
ट्री गार्ड-पौधों को जानवरों से बचाने के लिए बांस के ट्री गार्ड लगाए जाएंगे
जन सहभागिता- RWA, स्कूल, NGO और नागरिकों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ा जाएगा