हाईकोर्ट के आदेश के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित।

यमुना एक्सप्रेसवे पर अब किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक्सप्रेसवे के 0 से 41 किलोमीटर क्षेत्र को ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह फैसला यातायात को बाधारहित रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर धरना-प्रदर्शन बैन : गौतमबुद्धनगर में 0 से 41 किमी तक ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित, हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस सख्त।

News Diary Today, Noida।

Noida News : यातायात को सुचारू और बाधारहित रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने यमुना एक्सप्रेसवे के 0 किमी से 41 किमी तक के हिस्से को “No Protest Zone” घोषित कर दिया है। यह कदम माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के 22 मई 2026 के निर्देशों के बाद उठाया गया है। बता दें कि पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि यमुना एक्सप्रेसवे के गौतमबुद्धनगर क्षेत्रांतर्गत आने वाले पूरे 41 किमी हिस्से में किसी भी तरह के राजनैतिक, अराजनैतिक या अन्य प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाना और आमजन व वाणिज्यिक वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से चलाना है। हाल में नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन से जाम और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। एक्सप्रेसवे पर ऐसे प्रदर्शनों से दिल्ली-आगरा रूट ठप होने का खतरा रहता है और इसी वजह से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 22 मई 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर धरना-प्रदर्शन रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कमिश्नरेट ने यह अधिसूचना जारी की। नोएडा में पहले से ही 8 मई तक धारा-163 लागू है और पीएसी की 10 कंपनियां तैनात हैं।पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। News Diary Today

कैसे होगी निगरानी?

सूचना बोर्ड : एक्सप्रेसवे के प्रमुख स्थानों, पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय और संबंधित थानों पर ‘No Protest Zone’ के बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

जनजागरूकता : विभिन्न माध्यमों से लोगों को इस आदेश की जानकारी दी जा रही है।

सख्त निगरानी : पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर यह
सुनिश्चित कर रहा है कि आदेश का पूर्ण पालन हो।एक्सप्रेसवे पर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था मजबूत रखने के लिए लगातार निगरानी और जरूरी कार्रवाई की जाएगी।