नोएडा पुलिस ने एंबुलेंस की आड़ में चल रहे अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 65 किलो गांजा बरामद किया है। आरोपी सायरन बजाकर पुलिस जांच से बचता था और दिल्ली-एनसीआर के कॉलेजों व पीजी में नशे की सप्लाई करता था।
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नोएडा न्यूज़। नोएडा पुलिस ने एंबुलेंस की आड़ में ओडिशा से लाकर दिल्ली-एनसीआर में गांजा सप्लाई करने वाले शातिर अंतरराज्यीय तस्कर को करीब 65 किलो अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी एंबुलेंस के सायरन और मेडिकल इमरजेंसी का फायदा उठाकर पुलिस चेकिंग से बचता था और एनसीआर के कॉलेजों और पीजी (PG) में गांजा खपाता था।इस तस्करी नेटवर्क के पीछे कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं।तस्कर रास्तों पर पुलिस नाकों और अंतरराज्यीय सीमाओं को पार करने के लिए एंबुलेंस के सायरन और हुटर का अंधाधुंध इस्तेमाल करता था। पुलिस आपातकालीन वाहन समझकर उसे बिना रोके जाने देती थी।आरोपी ने एंबुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर और मेडिकल किट के बीच सीटों के नीचे विशेष रूप से लोहे के गुप्त केबिन (Hidden Chambers) बनवा रखे थे। बाहर से देखने पर गाड़ी पूरी तरह सामान्य एंबुलेंस लगती थी।पूछताछ में सामने आया कि यह गांजा दिल्ली-एनसीआर, विशेषकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विश्वविद्यालयों,कॉलेजों के छात्रों और हॉस्टलों/पीजी (PG) में रहने वाले युवाओं को छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर महंगे दामों में बेचा जाता था। बता दें कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नोएडा पुलिस के थाना फेस वन और एंटी-नारकोटिक्स टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सटीक मुखबिरी और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर घेराबंदी कर एक संदिग्ध एंबुलेंस को रोका।जब पुलिस टीम ने एंबुलेंस की सघन तलाशी ली, तो उसमें मरीज की जगह भारी मात्रा में संदिग्ध पैकेट मिले। एंबुलेंस के फर्श और सीटों के नीचे बनाए गए खुफिया केबिनों से करीब 65 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके से तस्करी के मुख्य आरोपी ओमवीर मूल निवासी आगरा को दबोच लिया और तस्करी में इस्तेमाल हो रही एंबुलेंस को जब्त कर लिया है।
ओडिशा से जुड़ा था सप्लाई चेन?
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कुबूल किया कि वह यह माल ओडिशा के सुदूर इलाकों से बेहद सस्ते दामों पर खरीदकर लाया था। चूंकि ओडिशा से अन्य राज्यों में गांजा लाने के लिए भारी सुरक्षा चेकिंग होती है, इसलिए तस्करों ने इस बार एंबुलेंस, तेल टैंकर या सब्जी गाड़ियों जैसे कमर्शियल वाहनों को अपना हथियार बनाया था।पुलिस अधिकारियों के अनुसार,आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के मुख्य सरगना और गांजे की डिलीवरी लेने वाले स्थानीय पैडलर्स का डेटा खंगाल रही है।