लखनऊ में H1N1 से मौत के बाद यूपी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। डिप्टी CM बृजेश पाठक ने हाईलेवल बैठक में अस्पतालों को दवाएं, वेंटिलेटर और आइसोलेशन बेड बढ़ाने समेत कई सख्त निर्देश दिए।
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लखनऊ न्यूज़। उत्तर प्रदेश में बढ़ते H1N1 (स्वाइन फ्लू) और सीजनल फ्लू के मामलों को देखते हुए उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं। राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक 50 वर्षीय महिला की मौत और विशेषकर पश्चिमी यूपी में बढ़ते प्रकोप के बाद सरकार ने पूरे राज्य को हाई अलर्ट पर रख दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बता दें कि उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने आज स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों, प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO), मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (CMS) और मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ एक बड़ी वर्चुअल समीक्षा बैठक की। हाल ही में लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू से हुई पहली मौत के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में फ्लू के इलाज के लिए जरूरी जीवन रक्षक दवाओं, वेंटिलेटर, और आइसोलेशन बेड की संख्या तुरंत बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में बुखार व सांस के मरीजों के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।विशेष रूप से पश्चिमी यूपी और लखनऊ में बुखार के मरीजों की सघन ट्रैकिंग (निगरानी) करने को कहा गया है, ताकि गंभीर मामलों की पहचान समय रहते हो सके।स्वाइन फ्लू (H1N1) की जांच के लिए प्रयोगशालाओं (Labs) को पूरी क्षमता के साथ एक्टिव रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रिपोर्ट में देरी न हो।
जनता से अपील: घबराएं नहीं, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है!
डिप्टी सीएम ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “यूपी का स्वास्थ्य विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 100% तैयार है। लोगों को घबराने (पैनिक करने) की बिल्कुल जरूरत नहीं है। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें।”
स्वाइन फ्लू (H1N1) के मुख्य लक्षण!
तेज बुखार और लगातार सर्दी-जुकाम होना।गले में भयंकर दर्द और लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी।सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ या सीने में भारीपन।शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द व कमजोरी महसूस होना।
