न्यूज़ डायरी टुडे | नोएडा
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह सिर्फ स्थानीय असंतोष नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित और बहुस्तरीय साजिश के संकेत मिले हैं, जिसमें सीमा पार से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स और संदिग्ध नेटवर्क की भूमिका सामने आई है।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच में यह पाया गया है कि कुछ विदेशी लोकेशन से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित की गई। इन पोस्ट्स में पुलिस कार्रवाई को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे श्रमिकों के बीच भ्रम और आक्रोश फैलाने की कोशिश की गई।
व्हाट्सएप और QR कोड के जरिए बनाई गई रणनीति
पुलिस जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है—व्हाट्सएप आधारित नेटवर्किंग। जानकारी के मुताबिक, कुछ संगठित समूहों ने क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, जिनमें लोगों को जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से भीड़ इकट्ठा की गई। इन ग्रुप्स में अफवाहें फैलाने, स्थान तय करने और विरोध को उग्र बनाने की रणनीति साझा की जा रही थी।
बाहरी तत्वों की मौजूदगी, 62 से अधिक हिरासत में
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हिंसा में शामिल कई लोग वास्तविक श्रमिक नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्व थे जो माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से शामिल हुए। अब तक 62 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस ने कुछ मुख्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली है—दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक की तलाश जारी है।
इस पूरे मामले में अब तक 13 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
“कानून व्यवस्था सर्वोपरि”—पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने श्रमिकों की आड़ लेकर अशांति फैलाने की साजिश रची थी, जिसकी हर स्तर पर जांच की जा रही है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
नोएडा पुलिस ने आम नागरिकों और श्रमिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी अपुष्ट जानकारी, वीडियो या पोस्ट को शेयर करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति भड़काऊ बातें करता या माहौल खराब करने की कोशिश करता दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
स्थिति अब सामान्य, उद्योगों में कामकाज बहाल
प्रशासन के अनुसार, अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अधिकांश कंपनियां फिर से खुल चुकी हैं और श्रमिक सुरक्षित माहौल में अपने काम पर लौट रहे हैं।