Noida Authority : सलारपुर की बदहाल तस्वीर, स्वच्छता अवॉर्ड जीतने वाले नोएडा में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर

एक तरफ स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय सम्मान हासिल करने वाला नोएडा, दूसरी तरफ सलारपुर की सड़कों पर बहता सीवर और फैली गंदगी। शहर के बीचों-बीच मौजूद यह स्थिति विकास और सफाई व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

नोएडा। उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा की पहचान ऊंची-ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और आधुनिक सुविधाओं के लिए की जाती है। शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति द्वारा गोल्डन सिटी अवार्ड और सुपर स्वच्छ लीगेसी अवार्ड जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं। लेकिन शहर की चमक-दमक के बीच कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

ऐसा ही एक मामला सलारपुर चौकी के पीछे स्थित क्षेत्र से सामने आया है। यहां की तस्वीरें नोएडा की स्वच्छता व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल खड़े करती नजर आती हैं। क्षेत्र की सड़कों पर जगह-जगह नालियां बंद पड़ी हैं, जिनसे गंदा और सीवरयुक्त पानी सड़कों पर बह रहा है। चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और उन्हीं के बीच आवारा पशु घूमते दिखाई देते हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

शहर के बीचों-बीच स्थित इस क्षेत्र की बदहाल स्थिति यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या स्वच्छता अभियान और सफाई व्यवस्था केवल कागजों और सरकारी रिपोर्टों तक सीमित है। यदि धरातल पर स्थिति का आकलन किया जाए तो यहां तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है।

ग्राम प्रधान नहीं, जिला पंचायत नहीं : आखिर कौन सुनेगा गांवों की समस्याएं?

गौरतलब है कि नोएडा के गांवों में ग्राम प्रधान और जिला पंचायत जैसी स्थानीय प्रतिनिधित्व व्यवस्था नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय समस्याओं को उठाने और अधिकारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सांसद और विधायक पर अधिक बढ़ जाती है। जहां सेक्टरों में समस्याओं के समाधान के लिए आरडब्ल्यूए (RWA) जैसे संगठित मंच मौजूद हैं, वहीं गांवों और पुरानी आबादी वाले क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

अब बड़ा सवाल यह है कि खबर सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा या फिर अन्य मामलों की तरह केवल औपचारिक कार्रवाई कर खानापूर्ति की जाएगी। क्षेत्र के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी मूलभूत समस्याओं की ओर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और उन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार मिलेगा।

Author

  • Harvir Chauhan

    Harvir Chauhan
    Editor-in-Chief & Founder, News Diary Today

    हरवीर चौहान एक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडिया उद्यमी हैं, जिन्हें समाचार एवं डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 10+ वर्षों का अनुभव है। वे Doordarshan Uttar Pradesh और India News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे NewsDiaryToday.com और ‘न्यूज़ डायरी टुडे’ साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक एवं Editor-in-Chief हैं। वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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