First Rehab Foundation : नवतपा की तपिश में दिव्यांग बच्चों ने किया सेवा कार्य, राहगीरों को मिली राहत।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा |

Noida News : नोएडा में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच दिव्यांग बच्चों ने मानवता और सेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। सामाजिक संस्था First Rehab Foundation द्वारा आयोजित एक विशेष सेवा अभियान के तहत बच्चों ने राहगीरों, मजदूरों और रिक्शा चालकों को ठंडा शरबत, जूस और मीठा पानी वितरित किया।

फाउंडेशन का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। इसी सोच के साथ रविवार को बच्चों ने भीषण गर्मी में जरूरतमंद लोगों की मदद कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया।

निर्माण स्थलों और सड़कों पर पहुंचकर की सेवा

नवतपा के दौरान तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोगों को गर्मी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के बच्चों ने सड़कों पर उतरकर निर्माण स्थलों पर काम कर रहे मजदूरों, रिक्शा चालकों और राहगीरों को राहत पहुंचाई।

बच्चों ने खुद अपने हाथों से टैंग, रूह अफज़ा और ठंडा शरबत तैयार किया। इसके बाद उन्होंने पूरे उत्साह और मुस्कान के साथ लोगों को जूस और मीठा पानी वितरित किया। इस सेवा कार्य को देखकर राहगीरों ने बच्चों की सराहना की और उनके प्रयास को प्रेरणादायक बताया।

सामाजिक सेवा से बच्चों में बढ़ती है जिम्मेदारी की भावना

इस अवसर पर फाउंडेशन से जुड़े कई अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में निदेशक एवं फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. महिपाल सिंह, प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, विंसम स्टेप्स की प्रबंध निदेशक श्रीमती पूनम मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, एडमिन हेड कृष्णा यादव, स्पेशल एजुकेटर एलिका रावत और फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

सेंटर मैनेजर Surbhi Jain ने बताया कि निर्जला एकादशी के अवसर पर जल वितरण का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि नवतपा के दौरान हीटवेव से बचाव बेहद जरूरी है और ऐसे सामाजिक कार्य बच्चों को हमारी संस्कृति और सेवा भाव से जोड़ते हैं।

राहगीरों के चेहरे पर आई मुस्कान

गर्मी से परेशान लोगों को जब ठंडा शरबत और जूस मिला तो उनके चेहरे खिल उठे। मजदूरों और राहगीरों ने बच्चों की इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि आज के समय में इस तरह की सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणा है।
फाउंडेशन की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं हैं। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।