Exclusive : करोड़ों के बजट वाला नोएडा प्राधिकरण अपने ही दफ्तर में सफाई व्यवस्था संभालने में फेल।

:- हाईटेक शहर को चमकाने वाले विभाग के दफ्तर में बदबू, गंदगी और टूटी व्यवस्थाएं

Noida News : हाईटेक सिटी नोएडा को स्वच्छ और आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे करने वाला Noida Authority इस बार अपने ही दफ्तर की बदहाल स्थिति को लेकर सवालों के घेरे में है। सेक्टर-5 स्थित जल विभाग कार्यालय की हालत देखकर ऐसा लगता है मानो यहां सफाई व्यवस्था नाम की कोई चीज मौजूद ही नहीं है। करोड़ों-अरबों रुपये के बजट वाले इस विभाग के शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि वहां जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं।

न्यूज़ डायरी टुडे की एक्सक्लूसिव पड़ताल में सामने आया कि जल विभाग कार्यालय का शौचालय गंदगी से पूरी तरह भरा पड़ा है। चारों तरफ फैली गंदगी और उठती बदबू यह साफ दिखाती है कि लंबे समय से यहां सफाई नहीं हुई। हालत इतनी खराब है कि कर्मचारी और कार्यालय में आने वाले लोग भी मजबूरी में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि “ऐसी स्थिति में इंसान तो क्या, जानवर भी अंदर जाने से बचें।”

वाश बेसिन लगा, लेकिन पानी की टोंटी गायब

कार्यालय के अंदर लगे वाश बेसिन की हालत भी विभागीय लापरवाही की कहानी बयान कर रही है। बेसिन तो मौजूद है लेकिन उसमें पानी की टोंटी तक नहीं लगी। ऐसे में कर्मचारी हाथ धोएं तो कैसे? सवाल यह भी उठता है कि जब विभाग अपने ही कार्यालय में बुनियादी सुविधाएं नहीं दे पा रहा तो शहरभर में सफाई व्यवस्था कितनी बेहतर होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक इस कार्यालय में बड़े अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक रोजाना बैठते हैं, लेकिन किसी की नजर इस गंदगी पर नहीं पड़ रही। या फिर जानबूझकर आंखें बंद कर ली गई हैं। विभाग के अंदर सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चलती दिखाई दे रही है।

‘स्वच्छ भारत’ के नारों तक सीमित व्यवस्था

प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को लेकर देशभर में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन नोएडा प्राधिकरण के इस कार्यालय की तस्वीरें उन दावों की पोल खोल रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सिर्फ सेक्टर-5 जल विभाग कार्यालय ही नहीं, बल्कि शहर के कई सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। कई जगह शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं, जबकि कुछ स्थानों पर शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

करोड़ों के बजट के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव

नोएडा जैसे अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि जब प्राधिकरण अपने ही कार्यालय की साफ-सफाई नहीं संभाल पा रहा तो शहर की व्यवस्था कैसे सुधरेगी।


अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था धरातल पर क्यों नजर नहीं आती? क्या अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

फिलहाल सेक्टर-5 जल विभाग कार्यालय की बदहाल तस्वीरें नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद Noida Authority इस मामले में कोई कार्रवाई करता है या नहीं।