October 25, 2026

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट पड़ा भारी : गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र को शांति भंग के आरोप में 5 लाख का नोटिस

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होना गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को भारी पड़ गया। ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने शांति भंग की आशंका जताते हुए उन्हें 5 लाख के बॉन्ड का नोटिस जारी किया है। कार्रवाई को लेकर छात्र संगठन और प्रशासन आमने-सामने हैं।

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नोएडा न्यूज़ | दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (GBU) के छात्र अक्षत त्रिपाठी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रेटर नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) ने छात्र को ‘शांति भंग’ की आशंका के चलते 5 लाख का बॉन्ड भरने का नोटिस जारी किया है। अक्षत त्रिपाठी स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की उत्तर प्रदेश स्टेट कमेटी के सदस्य भी हैं। बता दें कि छात्र अक्षत त्रिपाठी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जहां छात्र और युवा देश में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली के संकट को लेकर सरकार और शिक्षा मंत्री से जवाब मांग रहे थे।ग्रेटर नोएडा प्रशासन और यूपी पुलिस ने अक्षत पर आरोप लगाया है कि वह प्रदर्शन के दौरान छात्रों को सरकार के खिलाफ उकसाने, भड़काने और सरकार विरोधी प्रचार में शामिल थे, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 130 (पूर्व में CRPC की धारा 107/116 के समान) के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए, कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने अक्षत को 5 लाख की जमानत राशि का बॉन्ड भरने का आदेश दिया है।अक्षत त्रिपाठी और SFI ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि वे केवल एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का हिस्सा थे। संगठन ने इसे लोकतंत्र और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

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