ग्रेटर नोएडा में परिवहन विभाग के जांबाज अधिकारी ने मेनहोल में गिरे मासूम को बचाया, कमिश्नर ने थपथपाई पीठ

ग्रेटर नोएडा में एक 10 वर्षीय मासूम खुले मेनहोल में गिर गया। हर पल उसकी जिंदगी पर भारी था, तभी परिवहन विभाग के एक जांबाज अधिकारी और उनकी टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसा रेस्क्यू किया कि मासूम सुरक्षित बाहर आ गया। इस साहसिक कार्य पर विभागीय कमिश्नर ने अधिकारी की खुलकर सराहना की।

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ग्रेटर नोएडा | मंगलवार दोपहर ग्रेटर नोएडा की सड़क पर अचानक चीख-पुकार मच गई। एक बेबस मां सड़क किनारे गहरे मेनहोल के पास बैठकर कलेजा पीट रही थी। उसका 10 साल का मासूम बेटा काल के गाल में समाने ही वाला था कि तभी वहां परिवहन विभाग का एक ‘दूत’ देवदूत बनकर पहुंचा। अपनी जान की परवाह किए बिना उस अधिकारी ने जो किया, उसने न सिर्फ एक मां की गोद सूनी होने से बचाई, बल्कि इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है। बता दें कि घटना 07 जुलाई, 2026 की दोपहर करीब 01.00 बजे की है। परिवहन विभाग का प्रवर्तन दल अपने रोजाना के राजकीय दायित्वों के तहत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग कर रहा था। तभी टीम के प्रभारी अधिकारी की नजर सड़क किनारे बदहवास हालत में रोती-बिलखती एक महिला पर पड़ी। महिला की हालत देखकर अधिकारी ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और पूरी टीम के साथ उसके पास पहुंचे।पूछताछ में रोती हुई महिला ने जो बताया, उसे सुनकर पूरी टीम के होश उड़ गए। महिला ने तड़पते हुए कहा कि उसका 10 साल का बेटा खेलते-खेलते सड़क किनारे खुले पड़े एक बेहद गहरे और अंधेरे मेनहोल में गिर गया है। अंदर से बच्चे की हल्की रोने की आवाजें आ रही थीं, लेकिन जहरीली गैसों और गहराई के कारण कोई भी अंदर उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।एक पल की भी देरी मासूम की जान ले सकती थी। यहां अधिकारी ने सिर्फ एक सरकारी मुलाजिम की तरह नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में त्वरित सूझबूझ का परिचय दिया। बिना वक्त गंवाए उन्होंने अपने प्रवर्तन दल को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया और खुद कमान संभाली। अपनी जान जोखिम में डालकर, पूरी सतर्कता और साहस के साथ अधिकारी और उनकी टीम ने सूझबूझ से काम लिया। चंद मिनटों के भीतर ही उस अंधेरे कुएं से 10 वर्षीय मासूम को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे को सही-सलामत देखकर मां अधिकारी के पैरों में गिर पड़ी और उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

उच्चाधिकारियों ने की सराहना: “अन्य कर्मियों के लिए अनुकरणीय उदाहरण”

इस हैरतअंगेज और जांबाज रेस्क्यू की खबर जैसे ही मुख्यालय पहुंची, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गदगद हो गए। अधिकारी के इस साहसिक कृत्य की सराहना करते हुए उच्चाधिकारी ने विशेष प्रशंसा पत्र जारी किया है।उन्होंने कहा, “आपका यह सकारात्मक कृत्य एक लोक सेवक के रूप में कर्तव्य निर्वहन के दौरान पीड़ित की सहायता करते हुए, बच्चे को आसन्न मृत्यु के संकट से सुरक्षित निकालना और उसकी जान बचाना त्वरित सूझबूझ, मानवीय संवेदना और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक है। मैं आपके इस कार्य की सराहना करता हूं और अपेक्षा करता हूं कि भविष्य में भी आप इसी कार्य संस्कृति के साथ प्रतिबद्धता पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। आपका यह प्रशंसनीय कार्य परिवहन विभाग के अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण स्थापित करेगा।”आज इस अधिकारी और उनकी टीम के जज्बे को पूरा ग्रेटर नोएडा सलाम कर रहा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि खाकी और सरकारी वर्दी के अंदर एक बेहद संवेदनशील और साहसी दिल धड़कता है।

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