साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे “मनी म्यूल” को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ट्रेडिंग गैंग को बैंक खाते उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये की ठगी का पैसा ट्रांसफर कराता था। जांच में आरोपी के खातों में 1.78 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है, जबकि वह हर ट्रांजैक्शन पर 10% कमीशन लेता था।
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नोएडा न्यूज़ | साइबर ठगी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही नोएडा साइबर क्राइम पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है जो खुद लोगों से ठगी नहीं करता था, बल्कि देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये की अवैध रकम के लेनदेन में मदद करता था। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर गैंग से हर ट्रांजैक्शन पर 10 प्रतिशत कमीशन लेता था और इसी कारण उसे साइबर अपराध की दुनिया में “मनी म्यूल” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई करोड़ों की ठगी
पुलिस जांच के मुताबिक इस मामले की शुरुआत 2 मई 2025 को हुई, जब एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर शेयर मार्केट और निवेश से जुड़ा एक ग्रुप जॉइन कराया गया। ग्रुप में खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले साइबर ठगों ने पीड़ित को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया और भारी मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए।
शिकायत मिलने के बाद थाना साइबर क्राइम नोएडा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल में आरोपी अमलेश प्रसाद की भूमिका सामने आई।
10 प्रतिशत कमीशन पर देता था बैंक खाते
जांच में खुलासा हुआ कि अमलेश प्रसाद का मुख्य काम साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराना था। ठगी की रकम सबसे पहले उसके खातों में आती थी, जिसके बाद वह पैसा अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर आगे भेज दिया जाता था। इसके बदले वह प्रत्येक लेनदेन पर करीब 10 प्रतिशत कमीशन वसूलता था।
पुलिस के अनुसार इस एक मामले में उसके खाते में 15.50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
खातों में मिला 1.78 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस भी हैरान रह गई। बैंक खातों के विश्लेषण में सामने आया कि अब तक आरोपी के खातों में साइबर ठगी से जुड़े करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों में घुमाने के बाद क्रिप्टोकरेंसी और अन्य माध्यमों से आगे भेजा जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
11 राज्यों में दर्ज हैं 26 मुकदमे
गिरफ्तार आरोपी अमलेश प्रसाद के खिलाफ देशभर के 11 राज्यों में कुल 26 साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें—
- तेलंगाना – 8 मामले
- कर्नाटक – 6 मामले
- तमिलनाडु – 3 मामले
- केरल – 2 मामले
- महाराष्ट्र – 2 मामले
- हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश – 1-1 मामला
इतने राज्यों में दर्ज मुकदमे यह संकेत देते हैं कि आरोपी लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा था।
iPhone 13 Pro भी बरामद
पुलिस ने आरोपी को 3 जुलाई 2026 को गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किया गया Apple iPhone 13 Pro भी बरामद किया गया है। पुलिस मोबाइल और डिजिटल डाटा की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने लोगों को दी अहम सलाह
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने कहा कि “मनी म्यूल” साइबर ठगी की पूरी चेन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इनकी गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क तक पहुंचना आसान हो जाता है।
साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
WhatsApp या Telegram पर मिलने वाले गारंटीड रिटर्न और दोगुना पैसा जैसे दावों पर कभी भरोसा न करें।
केवल SEBI पंजीकृत निवेश सलाहकार से ही निवेश संबंधी सलाह लें।
OTP, CVV, ATM PIN और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
