Noida: नोएडा पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लोगों को हनीट्रैप कर लूटने वाले शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल दो कारें और अवैध चाकू बरामद किया है। यह गैंग पीड़ितों को सुनसान जगह ले जाकर मारपीट करता था और UPI के जरिए जबरन पैसे ट्रांसफर करवाता था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही
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नोएडा न्यूज़ | नोएडा पुलिस ने एक ऐसे शातिर और संगठित ‘हनीट्रैप’ गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लोगों को जाल में फंसाता था और फिर कार में बंधक बनाकर लूटपाट करता था। थाना सेक्टर-24 और लोकल इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने 3 जून 2026 को सेक्टर-54 के खरगोश पार्क के पास से इस गिरोह के 6 सदस्यों (2 युवक, 3 युवतियां और 1 बाल अपचारी) को गिरफ्तार किया है। बता दें कि यह गैंग दिल्ली-एनसीआर में ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब चलाता था।गैंग का सदस्य पंकज यादव ग्राहकों को अपनी बातों में फंसाकर नोएडा या एनसीआर के किसी इलाके में बुलाता था।लड़की दिखाने” के बहाने पीड़ित को अपनी कार में बैठा लिया जाता था।सुनसान जगह पर ले जाकर 3-4 आरोपी पीड़ित से मारपीट करते थे, उसका फोन छीनते थे और गनपॉइंट या चाकू के बल पर यूपीआई (UPI) के जरिए जबरन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।वारदात के वक्त गैंग के बाकी सदस्य दूसरी कार (AURA) में पीछे से सपोर्ट के लिए चलते थे ताकि कोई बाधा आने पर निपटा जा सके।
फॉर्च्यूनर लूट का बड़ा खुलासा?
मुख्य आरोपी ओमवीर यादव ने पूछताछ में कबूला कि 30 जून 2026 की रात को उन्होंने सेक्टर-54 पेट्रोल पंप के पास से एक व्यक्ति को निशाना बनाया था।मारपीट कर पीड़ित के खाते से 18,000 रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाए।इसके बाद आरोपी पीड़ित का पर्स, चाबी और उसकी कीमती फॉर्च्यूनर कार लूटकर फरार हो गए।इस दौरान बैकअप के लिए जीतू, रिशु, प्रियंका, काजल और अभिषेक ऑरा कार में कुछ ही दूरी पर नजर रखे हुए थे।
फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है: एडीसीपी नोएडा
एडीसीपी (ADCP) नोएडा, मनीषा सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-24 और लोकल इंटेलिजेंस की टीम ने एक बेहद शातिर गिरोह को दबोचा है, जो फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के जरिए ‘हनीट्रैप’ कर लोगों को लूटता था।गिरोह के 5 मुख्य आरोपियों और 1 बाल अपचारी को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट व ऑरा कार और 1 अवैध चाकू बरामद हुआ है।यह गिरोह एकांत में ले जाकर पीड़ितों को बंधक बनाता था, मारपीट करता था और गनपॉइंट/चाकू के बल पर डिजिटल माध्यम (UPI) से पैसे ट्रांसफर करवाता था।गिरोह के 4 फरार सदस्यों (पंकज, जीतू, रिशु और अभिषेक) की पहचान हो चुकी है। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी जेल भेजा जाएगा।
