नोएडा DM की चेतावनी : न्यूनतम वेतन न देने वाली एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट, डीएम ने जारी किए कड़े निर्देश।

:- वेतन में किसी भी प्रकार की कटौती या अनियमितता पर होगी कार्रवाई

:- अफवाहों से दूर रहकर विवादों का समाधान संवाद से करने पर जोर।

न्यूज़ डायरी टुडे, नॉएडा।

Noida । जनपद गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से जुड़े आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इन्हें उद्योग और श्रमिकों के बीच एक मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि इन एजेंसियों की जिम्मेदारी केवल श्रमिक उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना भी है।

🔹 अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि यदि किसी एजेंसी या उसके कर्मचारियों द्वारा कार्यस्थल पर किसी प्रकार का उपद्रव, अशांति या अनुशासनहीनता पाई जाती है, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में दोषी एजेंसी के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग के साथ-साथ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में औद्योगिक शांति भंग करने वाले तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यूनतम वेतन लागू करना अनिवार्य
बैठक में श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नवीनतम न्यूनतम वेतन दरों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

निर्धारित वेतन दरें इस प्रकार हैं:
अकुशल श्रमिक : ₹13,690 प्रतिमाह
अर्ध-कुशल श्रमिक : ₹15,059 प्रतिमाह
कुशल श्रमिक : ₹16,868 प्रतिमाह
सभी संविदाकारों को निर्देशित किया गया कि वे इन वेतन मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें और श्रमिकों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ही करें। किसी भी प्रकार की कटौती, देरी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

🔹 पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों के वेतन भुगतान में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकद भुगतान या किसी भी प्रकार की अनधिकृत कटौती पूरी तरह अस्वीकार्य होगी। इससे न केवल श्रमिकों के अधिकारों का हनन होता है, बल्कि औद्योगिक माहौल भी प्रभावित होता है।

समन्वय से ही संभव है विकास
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उद्योगपतियों, श्रमिकों और नियोजकों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब सभी पक्ष आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अशांति या विवाद न केवल रोजगार के अवसरों को प्रभावित करता है, बल्कि क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर विकास की गति को भी धीमा करता है।

अफवाहों से दूर रहने की अपील
प्रशासन की ओर से सभी संबंधित पक्षों से अपील की गई कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें। किसी भी समस्या या विवाद की स्थिति में सीधे प्रशासन से संपर्क करे समाधान निकाला जाए।

जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी विवाद या समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्पर है, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।