नोएडा में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए ‘बिगुल मजदूर दस्ता’ से जुड़े दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद की गई है, जिसमें शहर की शांति को नुकसान पहुंचाने की साजिश सामने आई है।
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida News : कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में थाना फेस-2 पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से ‘बिगुल मजदूर दस्ता’ के सक्रिय सदस्य हैं।
तकनीकी सर्विलांस से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में तकनीकी और मैन्युअल दोनों स्तरों पर जांच की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मुखबिर की सूचना के आधार पर दिल्ली और लखनऊ समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई। 19 अप्रैल 2026 को सटीक सूचना पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
साजिश का खुलासा, मास्टरमाइंड से जुड़े तार
जांच में सामने आया कि यह कोई अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी।
- हिमांशु ठाकुर, काशीपुर (उत्तराखंड) का निवासी, घटना के दिन मौके पर मौजूद था
- वह मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद के सीधे संपर्क में था
- सत्यम वर्मा, लखनऊ निवासी, भीड़ को उकसाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हिंसा भड़काने और माहौल बिगाड़ने की योजना का हिस्सा थे।
श्रमिक आंदोलन की आड़ में हिंसा का आरोप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि श्रमिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया गया। इसमें तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं शामिल हैं।
नोएडा पुलिस की सख्त चेतावनी
नोएडा पुलिस ने साफ किया है कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।