उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक सिस्टम पर “सर्जिकल स्ट्राइक” करते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा संदेश दिया है—अब केवल काम ही पहचान बनेगा। 40 IAS अधिकारियों के एक साथ ट्रांसफर और 15 जिलों के कप्तानों की बदलती कमान इस बात का संकेत है कि सरकार आने वाले समय की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।
न्यूज़ डायरी टुडे, लखनऊ।
उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक मशीनरी को धार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एक साथ 40 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदलकर यह साफ कर दिया है कि फील्ड में ‘परफॉर्मेंस’ ही पदोन्नति और तैनाती का एकमात्र पैमाना है। बता दें कि आगरा के पूर्व डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाना दर्शाता है कि उनके अनुभव का उपयोग अब सीधे शासन के नीतिगत निर्णयों में होगा और फतेहपुर के डीएम रविंद्र सिंह को ऊर्जा विभाग में भेजना बिजली संकट और सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है और श्रुति, निधि गुप्ता और हर्षिता माथुर जैसी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर प्रशासन में संवेदनशीलता और कार्यक्षमता का संतुलन बनाया गया है और किंजल सिंह और अश्वनी कुमार पांडे जैसे अधिकारियों को शिक्षा और कल्याण विभागों में भेजकर इन क्षेत्रों में जमीनी सुधार की अपेक्षा की गई है और यह फेरबदल केवल स्थानांतरण नहीं, बल्कि आगामी चुनौतियों और विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए बिछाई गई ‘प्रशासनिक बिसात’ है।
प्रमुख स्थानांतरण और अधिकारियों की ‘नई कमान’?
दुर्गा शक्ति नागपाल – मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल ,अपनी सख्त छवि और लखीमपुर में कुशल प्रबंधन के लिए प्रमोशन।
मनीष बंसल- जिलाधिकारी आगरा ,सहारनपुर में विकास कार्यों को गति देने का इनाम, आगरा जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी।
गौरांग राठी- जिलाधिकारी झांसी, उन्नाव में कानून-व्यवस्था और प्रशासन पर मजबूत पकड़।
कुमार हर्ष- जिलाधिकारी बुलंदशहर, सुल्तानपुर में पारदर्शी कार्यशैली के कारण महत्वपूर्ण एनसीआर जिले की कमान।
निधि गुप्ता वत्स- जिलाधिकारी फतेहपुर,अमरोहा में राजस्व और महिला सशक्तिकरण कार्यों में सक्रियता।
अरविंद कुमार चौहान-जिलाधिकारी सहारनपुर, शामली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रशासन सुनिश्चित करना।
घनश्याम मीणा-जिलाधिकारी उन्नाव,हमीरपुर में ग्रामीण विकास परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करना।
अंजनी कुमार सिंह- जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी,मैनपुरी में चुनाव और कानून व्यवस्था का सफल प्रबंधन।
डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी-जिलाधिकारी मैनपुरी ,औरैया में बुनियादी ढांचे के विकास में तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव।
किंजल सिंह सचिव-माध्यमिक शिक्षा,परिवहन विभाग में सुधार के बाद अब शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन लाने की चुनौती।
