News Diary Today | Noida News
नई दिल्ली : NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेने का फैसला किया ।
छात्रों की आवाज़ के आगे झुकी सरकार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 35 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के उग्र आंदोलन के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में छात्र लगातार केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे ।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस्तीफे की पुष्टि की
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। अपनी चिट्ठी में उन्होंने लिखा:
“मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी का नैतिक संकल्प रहा है।”
उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि वे नहीं चाहते कि किसी छात्र का भविष्य कानूनी जटिलताओं में उलझे और बच्चों को पढ़ाई और करियर बनाने पर ध्यान देना चाहिए ।
सरकार ने पहले ही उठाए थे कई कदम
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के साथ ही याद दिलाया कि गड़बड़ी की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत जांच CBI को सौंपी थी , परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया और भविष्य के लिए NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की है। CBI ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन शिक्षक शामिल हैं जिन्होंने पेपर सेट करने के दौरान प्रश्नों को लीक किया ।
डीपफेक वीडियो और फर्जी दावों का हुआ खंडन
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कई फर्जी पत्र और डीपफेक वीडियो भी वायरल हो रहे थे । PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इन वीडियो को AI-जनरेटेड बताकर खंडन किया था और कहा था कि इन्हें पाकिस्तानी प्रचार खातों द्वारा फैलाया जा रहा है । हालांकि, अब शनिवार को उन्होंने आधिकारिक तौर पर पद से हटने का फैसला ले लिया है।
छात्र आंदोलन को मिली बड़ी जीत
CJP की प्रमुख मांग के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। विपक्षी दल भी लगातार केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। शुक्रवार को CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका की केंद्रीय मंत्रियों JP नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय मांगा था ।
NEET-UG 2026 विवाद: क्या था पूरा मामला?
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामले में CBI ने कई राज्यों में छापेमारी की। जांच में सामने आया कि NTA द्वारा नियुक्त तीन शिक्षकों – पीवी कुलकर्णी (रसायन विज्ञान), मनीषा मांधरे (जीवविज्ञान) और मनीषा हवलदार (भौतिक विज्ञान) ने अपनी पुणे स्थित आवासों पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं और छात्रों को प्रश्नपत्र लीक किए । इन कक्षाओं के लिए छात्रों से लाखों रुपये लिए गए ।