ग्रेटर नोएडा। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दादरी की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के पुराने और मजबूत संगठनात्मक कुनबे से आने वाले प्रणीत भाटी ने दादरी सीट से पार्टी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सियासी समीकरणों को गरमा दिया है।
News Diary Today | Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और संभावित दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में दादरी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के टिकट को लेकर भी संभावित दावेदारों की चर्चा शुरू हो गई है।
दादरी विधानसभा सीट पर वर्ष 2017 से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर टिकट की दौड़ को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। इसी बीच भाजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता माने जाने वाले प्रणीत भाटी ने दादरी विधानसभा क्षेत्र से पार्टी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
तीन पीढ़ियों से भाजपा से जुड़ा परिवार!
प्रणीत भाटी का परिवार लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है। उनके पिता भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उनके बड़े भाई प्रवीण भाटी भी पार्टी में जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस तरह भाटी परिवार की भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही है।
प्रणीत भाटी स्वयं भी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
पार्टी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने और क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक संपर्कों के चलते उनकी दावेदारी को दादरी विधानसभा सीट के संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं के सामने रखी दावेदारी
जानकारी के अनुसार, प्रणीत भाटी ने दादरी विधानसभा क्षेत्र से आगामी चुनाव के लिए भाजपा के टिकट की अपनी दावेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखी है। उनका जोर संगठन के साथ लंबे जुड़ाव, क्षेत्र में सक्रियता और पार्टी के लिए किए गए कार्यों पर बताया जा रहा है।
हालांकि, भाजपा की ओर से अभी दादरी विधानसभा सीट के लिए किसी प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। टिकट का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा चुनावी परिस्थितियों, संगठनात्मक समीकरणों और संभावित उम्मीदवारों के मूल्यांकन के बाद ही किया जाएगा।
दादरी में टिकट को लेकर बढ़ रही है प्रतिस्पर्धा
दादरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से कई संभावित दावेदारों के नाम चर्चा में आने के साथ ही आने वाले समय में टिकट को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। ऐसे में प्रणीत भाटी की दावेदारी को भी पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण दावेदारियों में से एक के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि आगामी चुनाव में भाजपा दादरी सीट पर अपने उम्मीदवार को लेकर क्या रणनीति अपनाती है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पार्टी मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को बरकरार रखेगी या किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी।
संगठन में लंबा अनुभव हो सकता है मजबूत पक्ष
प्रणीत भाटी की दावेदारी का एक प्रमुख पक्ष उनका संगठनात्मक अनुभव और भाजपा के साथ लंबे समय से जुड़ाव माना जा रहा है। परिवार की कई पीढ़ियों के पार्टी से जुड़े होने के साथ-साथ स्वयं विभिन्न संगठनात्मक पदों पर काम करने का अनुभव उनके पक्ष में जा सकता है।
वहीं, चुनावी टिकट का फैसला केवल संगठनात्मक पृष्ठभूमि के आधार पर नहीं होता। पार्टी नेतृत्व स्थानीय समीकरण, जनसमर्थन, चुनावी संभावनाओं और संगठन की जरूरत समेत कई पहलुओं पर विचार करता है।
फिलहाल दादरी विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन प्रणीत भाटी की दावेदारी सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर जरूर तेज हो गया है। आने वाले महीनों में अन्य संभावित दावेदारों की सक्रियता और पार्टी की रणनीति से यह स्पष्ट होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में दादरी सीट पर भाजपा किस चेहरे पर भरोसा जताती है।
