सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख का असर सुनवाई शुरू होने से पहले ही दिख गया। कार्यपालक मजिस्ट्रेट रवि शंकर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को इसकी जानकारी दी।
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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और तीव्र नाराजगी का असर आज अदालत की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही देखने को मिला। कोर्ट की नाराजगी को भांपते हुए प्रशासन ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) रवि शंकर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।गुरुवार को जैसे ही इस मामले की सुनवाई शुरू हुई, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि सरकार ने मजिस्ट्रेट के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि यह मामला प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग और अदालती आदेशों की अनदेखी से जुड़ा हुआ है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में बेहद सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नागरिकों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोर्ट रूम में क्या हुआ?
कोर्ट की संभावित गाज से बचने के लिए सरकार ने सुनवाई शुरू होने से पहले ही निलंबन का आदेश जारी कर दिया।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट के सामने पक्ष रखते हुए कहा, “अदालत की गरिमा और कानून के शासन को सर्वोपरि रखते हुए, कार्यपालक मजिस्ट्रेट रवि शंकर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।सुप्रीम कोर्ट ने इस त्वरित कार्रवाई को संज्ञान में लिया है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी मनमानी रोकने के लिए दिशा-निर्देश जरूरी हैं।इस निलंबन को प्रशासनिक हलकों में एक बड़े सबक के रूप में देखा जा रहा है कि न्यायपालिका की नाराजगी का सामना करने से पहले ही जवाबदेही तय करना अनिवार्य हो चुका है।