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बेंगलुरु। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर Akshar Yoga Kendraa ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 21 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इसके साथ ही संस्था के कुल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। यह उपलब्धि न केवल भारत बल्कि वैश्विक योग समुदाय के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा मानी जा रही है।
हिमालयन सिद्धा अख्शर (Himalayan Siddhaa Akshar) के मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भारत सहित दुनिया के 80 से अधिक देशों के हजारों लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन ने योग की उस शक्ति को प्रदर्शित किया, जो विभिन्न संस्कृतियों, समुदायों और देशों के लोगों को एक मंच पर जोड़ने का काम करती है।
80 से अधिक देशों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” थी। इसी थीम के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में 5,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें ताइवान, अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया समेत 80 से अधिक देशों के लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और दीर्घायु जीवन के महत्व को बढ़ावा देना था।
20 योग आसनों और एक वैश्विक ध्यान रिकॉर्ड में मिली सफलता
Akshar Yoga Kendraa ने बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 20 अलग-अलग योग आसनों में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए। वहीं ऑनलाइन आयोजित ग्लोबल त्राटक मेडिटेशन में 6,802 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर एक और विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
संस्था के अनुसार यह दुनिया के सबसे बड़े और सुव्यवस्थित योग आयोजनों में से एक रहा, जिसमें अनुशासन, समन्वय और योग के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि देखने को मिली।
इन योग आसनों में बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
गोमुखासन – 347 प्रतिभागी
पार्श्वकोणासन – 350 प्रतिभागी
पदहस्तासन – 348 प्रतिभागी
जानु शीर्षासन – 346 प्रतिभागी
प्रसारित पादोत्तानासन – 328 प्रतिभागी
परिवृत्त त्रिकोणासन – 345 प्रतिभागी
क्रौंचासन – 338 प्रतिभागी
मत्स्यासन – 342 प्रतिभागी
भूनमनासन – 318 प्रतिभागी
उपविष्ट कोणासन – 309 प्रतिभागी
अर्ध चंद्रासन – 349 प्रतिभागी
उत्थित बद्ध एकपादासन – 326 प्रतिभागी
परिवृत्त पार्श्वकोणासन – 337 प्रतिभागी
कूर्मासन – 323 प्रतिभागी
सूर्ययंत्रासन – 342 प्रतिभागी
सुप्त वज्रासन – 339 प्रतिभागी
द्वि पाद विपरीत दंडासन – 332 प्रतिभागी
बाला पार्श्व भुजा दंडासन – 310 प्रतिभागी
काकासन – 256 प्रतिभागी
भुजपीड़ासन – 257 प्रतिभागी
ग्लोबल ऑनलाइन त्राटक मेडिटेशन – 6,802 प्रतिभागी
हिमालयन सिद्धा अख्शर ने क्या कहा?
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हिमालयन सिद्धा अख्शर ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने की एक संपूर्ण प्रणाली है। उन्होंने कहा कि “Healthy Ageing” की शुरुआत आज अपनाई जाने वाली आदतों और जीवनशैली से होती है। योग शरीर को मजबूत, मन को केंद्रित और जीवन को ऊर्जावान बनाने का माध्यम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सामूहिक प्रयास से दुनिया भर में अधिक से अधिक लोग योग को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
गिनीज अधिकारियों ने की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के वरिष्ठ निर्णायक ऋषि नाथ और स्वप्निल डांगरिकर ने इस उपलब्धि को दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी रिकॉर्ड प्रयासों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी संस्था ने एक ही दिन में इतने बड़े पैमाने पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का सफल प्रयास नहीं किया था।
उन्होंने आयोजन की योजना, सटीकता, भागीदारी और निष्पादन की प्रशंसा करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर योग रिकॉर्ड्स के लिए नया मानक बताया।
50 हजार से अधिक योग शिक्षक तैयार कर चुका है संस्थान
बेंगलुरु स्थित Akshar Yoga Kendraa अब तक 50,000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुका है। संस्था का दावा है कि उसके कार्यक्रमों से 2 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं और उसकी उपस्थिति 80 से अधिक देशों में है।
21 नए रिकॉर्ड्स के साथ संस्था के कुल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की संख्या अब 42 हो गई है, जो इसे दुनिया के अग्रणी योग संस्थानों में शामिल करती है।
