नोएडा के एक निजी स्कूल में छात्रा को किताब न लाने पर 100 उठक-बैठक लगाने का आरोप लगा है। शिकायत करने पर अभिभावक के चार बच्चों को स्कूल से निकालने की बात सामने आई है। साथ ही स्कूल की मान्यता और कथित फर्जीवाड़े पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
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गौतमबुद्धनगर | नोएडा के सेक्टर-130 स्थित शास्त्री विद्या मंदिर में एक छात्रा के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। किताब न लाने पर टीचर ने छात्रा से 100 उठक-बैठक लगवाईं, जिससे छात्रा बीमार पड़ गई। शिकायत करने पर प्रधानाचार्या ने उल्टा अभिभावक के 4 बच्चों की TC काटकर स्कूल से निकालने की धमकी दे दी है और अभिभावक ने अब जिलाधिकारी को पत्र देकर स्कूल की मान्यता और फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है। बता दें कि असगरपुर, सेक्टर-128 निवासी अजय अवाना ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके 4 बच्चे प्रिंस, तनु, वंशिका और अंशिका शास्त्री विद्या मंदिर, सेक्टर-130, गढ़ी गांव में पढ़ते हैं। वे हर महीने ₹1500 फीस जमा करते हैं। अब तक ₹18,800 फीस जमा कर चुके हैं और 30 जुलाई 2026 को स्कूल के गणित-विज्ञान शिक्षक कृष्णकांत तिवारी ने उनकी बेटी तनु अवाना, कक्षा 10वीं को केवल किताब न लाने पर 100 उठक-बैठक लगाने की सजा दी। इस क्रूर दंड से छात्रा के पैरों में सूजन आ गई और उसे तेज बुखार हो गया।अजय अवाना जब शिकायत लेकर प्रधानाचार्या रेणु शर्मा के पास पहुंचे तो उन्होंने दोषी शिक्षक पर कार्रवाई करने के बजाय अभिभावक के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि प्रधानाचार्या ने 3 अगस्त 2026 को उनकी बेटी वंशिका अवाना, कक्षा 7वीं की TC जबरन काटकर थमा दी और बाकी 3 बच्चों की भी TC ले जाने को कहा। इससे बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। वहीं प्रार्थना पत्र में सबसे बड़ा खुलासा यह किया गया है कि शास्त्री विद्या मंदिर पूरी तरह गैर-कानूनी और बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहा है। आरोप है कि स्कूल अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों से साठगांठ कर 10वीं की परीक्षा CBSE और 12वीं की परीक्षा UP बोर्ड से फॉर्म भरवाता है। अभिभावक का कहना है कि इस अवैध फर्जीवाड़े के कारण यहां पढ़ रहे सैकड़ों बच्चों का भविष्य खतरे में है।
जिलाधिकारी से क्या कार्रवाई की मांग?
अजय अवाना ने DM से मांग की है कि दोषी शिक्षक कृष्णकांत तिवारी और प्रधानाचार्या रेणु शर्मा के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।शास्त्री विद्या मंदिर स्कूल की मान्यता, संबद्धता और फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच कराकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।फिलहाल मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।