नोएडा के प्रतिष्ठित बाल भारती पब्लिक स्कूल पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। बेसमेंट में बिना पर्याप्त वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट के कक्षा संचालित करने के आरोपों के बाद स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है। अब नोएडा प्राधिकरण भी बिल्डिंग की जांच करेगा।
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नोएडा | नोएडा के सेक्टर-21 स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बिना वेंटिलेशन और बिना इमरजेंसी एग्जिट वाले बेसमेंट में कक्षा 8वीं (सेक्शन डी) का संचालन करने का गंभीर मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPR) और अभिभावकों की शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है, साथ ही नोएडा विकास प्राधिकरण से भी विस्तृत बिल्डिंग जांच रिपोर्ट तलब की है। बता दें कि अभिभावकों की शिकायत के अनुसार, स्कूल प्रबंधन कक्षा 8वीं के बच्चों की पढ़ाई एक ऐसे बेसमेंट रूम में करवा रहा था जहां पर्याप्त खिड़कियां और वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं है। कमरे के दरवाजे शटरनुमा हैं जो पूरी तरह नहीं खुलते और कई बार बंद होने पर अटक जाते हैं। इसके अलावा, एयर कंडीशनर (AC) के बाहरी आउटडोर यूनिट भी क्लास के ठीक पास लगे हैं जिससे वहां अत्यधिक गर्मी और उमस हो जाती है।लखनऊ और दिल्ली में बेसमेंट में हुए हालिया हादसों के बाद भी स्कूल ने अग्निशमन सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की अनदेखी की। उत्तर प्रदेश के बिल्डिंग बायलॉज (Building Bylaws) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के बेसमेंट में क्लास चलाना प्रतिबंधित है; वहां केवल पार्किंग या स्टोरेज की ही अनुमति होती है।7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) का पत्र मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस भेजा है। यदि 3 दिनों के भीतर स्कूल की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा और नक्शे की जांच के लिए नोएडा प्राधिकरण के प्लानिंग डिपार्टमेंट को भी पत्र लिखा गया है।इस पूरे मामले पर स्कूल की प्रधानाचार्य आशा प्रभाकर ने आरोपों को नकारते हुए दावा किया है कि यह क्लास बेसमेंट में नहीं बल्कि ग्राउंड फ्लोर पर है, जो पूरी तरह से वातानुकूलित (Air-Conditioned) है और वहां वेंटिलेशन की कोई समस्या नहीं है।
विवादों से पुराना नाता!
उल्लेखनीय है कि जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) ने हाल ही में शैक्षणिक सत्र के नियमों के उल्लंघन और वेबसाइट पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड न करने के कारण बाल भारती पब्लिक स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।उत्तर प्रदेश के बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग, मशीनरी, सर्विसेज या स्टोरेज के लिए ही किया जा सकता है, वहां नियमित कक्षाएं चलाना नियमों के सख्त खिलाफ है।