गौतमबुद्धनगर में श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई : 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त, ₹1.16 करोड़ की पेनल्टी

इंट्रो गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में श्रम विभाग और जिला प्रशासन ने श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी करने वालों पर बड़ा एक्शन लिया है। श्रम कानूनों के उल्लंघन और मजदूरों के बकाया भुगतान न करने के मामलों में 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि दोषी एजेंसियों पर करीब ₹1.16 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है।

Noida : गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में श्रम विभाग और जिला प्रशासन ने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ा कदम उठाया है। हाल ही में हुए श्रमिक विवादों और विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रशासन ने 203 संविदाकारों (contractors) और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है।

203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया

श्रम विभाग की जांच में सामने आया कि कई संविदाकार श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे और श्रमिकों के वेतन, बोनस और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं कर रहे थे।
इसी के चलते विभाग ने 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ब्लैकलिस्ट होंगी आउटसोर्सिंग एजेंसियां

प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि दोषी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, ताकि भविष्य में वे सरकारी या निजी प्रोजेक्ट्स में भाग न ले सकें।

1.16 करोड़ की पेनल्टी जारी

श्रम विभाग ने बकाया भुगतान न करने वाले ठेकेदारों पर करीब ₹1 करोड़ 16 लाख 5 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है।
सभी संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी भी स्तर पर श्रमिकों का शोषण या औद्योगिक अशांति सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
यह कदम औद्योगिक शांति बनाए रखने और श्रमिकों को उनका अधिकार दिलाने के लिए उठाया गया है।