जलभराव से मुक्त होगा हाई-टेक शहर : IIT रुड़की चमकाएगा नोएडा का ड्रेनेज सिस्टम, तैयार होगा 203 SQ KM का मास्टर प्लान।

नोएडा को जलभराव से राहत दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। IIT रुड़की 203 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हाईटेक ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार करेगा, जिसमें पुराने नालों से लेकर जलभराव वाले हॉटस्पॉट तक का तकनीकी अध्ययन किया जाएगा।

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नोएडा न्यूज़ | नोएडा प्राधिकरण ने मानसून में होने वाले भारी जलभराव से मुक्ति के लिए IIT रुड़की को 203 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का एक नया और हाई-टेक रि-डेवलपमेंट ड्रेनेज प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें कि हर साल मानसून की बारिश में जलभराव की मार झेलने वाले नोएडा वासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने शहर को जलभराव से पूरी तरह मुक्त करने के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की के साथ हाथ मिलाया है। इस योजना के तहत सेक्टर-81 से लेकर सेक्टर-168 तक के लगभग 203 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसमें शहर के प्रमुख सेक्टर्स, सोसायटियां, पुराने गांव और व्यस्त बाजार शामिल हैं।वर्तमान में नोएडा का ड्रेनेज सिस्टम दशकों पुराना है, जो उस समय की बेहद कम आबादी के लिहाज से डिजाइन किया गया था। लगातार बढ़ते शहरीकरण और कंक्रीट के निर्माण के कारण अब थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आईआईटी की टीम जल निकासी के प्राकृतिक प्रवाह, सड़कों के ढलान, नालों की क्षमता और निचले इलाकों (लो-लाइंग एरिया) का बारीकी से अध्ययन करेगी।

इन इलाकों पर रहेगा विशेष ध्यान!

सर्वेक्षण के दौरान विशेष रूप से उन हॉटस्पॉट्स पर काम किया जाएगा जहां सबसे ज्यादा पानी भरता है, जैसे सेक्टर-19, सेक्टर-11 (धवलगिरी) और सेक्टर-12 एवं सेक्टर-49 (बरौला) और महामाया फ्लाईओवर लूप तथा सेक्टर-27, 29 और 31 के प्रमुख ब्लॉक्स। इन पुराने विकसित हिस्से में 186 किलोमीटर से ज्यादा लंबे 98 नाले और एक्सप्रेसवे के पास 164 किलोमीटर लंबे 92 नाले सक्रिय हैं। इन सभी 190 नालों के पूरे डेटा का इस्तेमाल कर आईआईटी रुड़की एक सटीक री-डेवलपमेंट मास्टर प्लान तैयार करेगा। इस रिपोर्ट के फाइनल होते ही नोएडा प्राधिकरण नए और अत्याधुनिक नालों का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू कर देगा, जिससे भविष्य में नोएडा वासियों को जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।

किस तरीके से होगा काम!

1-भविष्य की जरूरतों पर फोकस: यह प्लान सिर्फ आज की नहीं, बल्कि आगामी कई दशकों की आबादी और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को देखकर बनाया जा रहा है।

2-तकनीकी सर्वेक्षण: IIT रुड़की के विशेषज्ञ उपग्रह (सैटेलाइट) इमेजरी, ड्रोन और एडवांस हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से पूरे नोएडा का डिजिटल मैप तैयार करेंगे।

3-इंटीग्रेटेड नेटवर्क: शहर के सभी छोटे-बड़े नालों को आपस में इस तरह जोड़ा जाएगा कि पानी का बैक-फ्लो (उल्टा बहाव) न हो और पानी तेजी से हिंडन व यमुना नदी की ओर निकल जाए।

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