बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखने के फैसले के खिलाफ दायर उनकी याचिका स्वीकार कर ली गई है, जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है।
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नोएडा न्यूज़ | मशहूर बॉलीवुड हास्य अभिनेता राजपाल यादव ने अपने खिलाफ चल रहे चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट (उच्चतम न्यायालय) का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखने के फैसले के बाद अभिनेता ने यह बड़ी कानूनी अपील दायर की है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव की इस विशेष अनुमति याचिका (SLP) को स्वीकार कर लिया गया है। इस अपील को अभी स्क्रूटनी (जांच) प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके बाद इसे नियमित केस नंबर मिलेगा और कोर्ट रूम में सुनवाई की तारीख तय होगी।शीर्ष अदालत में राजपाल यादव का पक्ष ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ सौरम त्रिवेदी मजबूती से रखेंगे।
क्या है पूरा कानूनी विवाद?
बीते 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल यादव की सजा को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था।कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े 7 अलग-अलग मामलों में राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखा और उन्हें 3 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई।कोर्ट ने प्रत्येक शिकायत में शिकायतकर्ता को 1 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से लोन लिया था। पैसे वापस न कर पाने के कारण चेक बाउंस के कई केस दर्ज हुए।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट में डायरी नंबर मिलने के बाद अब वकीलों की टीम कोर्ट से जल्द सुनवाई (Urgent Hearing) की मांग कर सकती है, ताकि जेल की सजा पर अंतरिम रोक (Stay) लग सके। यदि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को स्वीकार कर लेता है, तो राजपाल यादव को बड़ी राहत मिल सकती है। दूसरी तरफ, कर्ज न चुका पाने की वजह से हाल ही में उनकी पुश्तैनी संपत्तियों की नीलामी के नोटिस भी जारी हुए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
