नोएडा समेत मेरठ मंडल में आबकारी विभाग ने शराब बिक्री को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब हर बोतल की बिक्री डिजिटल रिकॉर्ड में होगी और नियमों में जरा सी भी लापरवाही दुकानदारों के लिए भारी पड़ सकती है। खास तौर पर पुराने स्टॉक को लेकर विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिससे अवैध और गैर-मानक शराब पर पूरी तरह लगाम लगाने की तैयारी है।
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida Excise Meeting 2026: नोएडा के सेक्टर-38 स्थित शक्ति सदन गेस्ट हाउस में आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में मेरठ प्रभार की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मेरठ मंडल के सभी जिला आबकारी अधिकारी, प्रवर्तन टीमों के सदस्य और सभी आबकारी निरीक्षक मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व वृद्धि के साथ-साथ अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से नियंत्रण सुनिश्चित करना रहा।
अब 100% शराब बिक्री होगी डिजिटल
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी फुटकर शराब दुकानों पर अब 100 प्रतिशत बिक्री POS मशीन के माध्यम से ही की जाएगी। थोक, BIO, बॉन्ड, बार और प्रीमियम वेंड्स से आने वाली प्रत्येक बोतल को पहले स्टॉक में दर्ज करना अनिवार्य होगा और उसके बाद ही POS के जरिए बिक्री की अनुमति होगी। बिना POS एंट्री के शराब बेचने को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Old Liquor Stock Rule 2026: 2024-25 से पहले की शराब पर सीधा लाइसेंस रद्द
सबसे अहम फैसला पुराने स्टॉक को लेकर लिया गया, जिसमें कहा गया कि यदि किसी भी दुकान पर वर्ष 2024-25 से पहले की या बिना रोल ओवर वाली शराब बेची जाती पाई गई, तो संबंधित लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। यह कदम बाजार में पुराने और संदिग्ध स्टॉक को खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दूसरे राज्यों की शराब पर कड़ी निगरानी
दिल्ली और अन्य राज्यों से सटे जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं। दूसरे राज्यों से आने वाली शराब के स्टॉक की नियमित जांच होगी और कस्टम बॉन्ड से शराब की निकासी केवल निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मॉल्स में बढ़ेंगे प्रीमियम वेंड्स
आबकारी आयुक्त ने नोएडा और गाजियाबाद के मॉल्स में प्रीमियम रिटेल वेंड्स बढ़ाने और अत्याधुनिक शराब दुकानों की स्थापना पर भी जोर दिया। साथ ही BIO ब्रांड्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिल सकें और राजस्व में वृद्धि हो।
समय पर स्टॉक निकासी के सख्त आदेश
राजस्व लक्ष्यों को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। फुटकर दुकानों की न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (MGQ) को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कंपोजिट दुकानों में अंग्रेजी मदिरा और बीयर के त्रैमासिक MGR की समय पर निकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाहरी शराब मिलने पर होगी कार्रवाई
इसके अलावा होम बार और ऑकेजनल बार को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। होम बार में केवल उत्तर प्रदेश में अनुमन्य शराब के उपयोग की अनुमति होगी, जबकि बाहरी राज्यों की शराब मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। ऑकेजनल बार में किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और FL-11 लाइसेंस वाले परिसरों में केवल अनुमन्य ब्रांड ही परोसे जा सकेंगे।
क्रॉस चेकिंग और सघन जांच अभियान तेज
प्रवर्तन को और मजबूत करते हुए आबकारी निरीक्षकों और टीमों को दुकानों की नियमित क्रॉस चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी डिस्टलरी और स्टॉक पॉइंट्स पर सघन निगरानी रखी जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना खत्म की जा सके।
आबकारी आयुक्त का सख्त संदेश
बैठक के अंत में आबकारी आयुक्त ने दो टूक संदेश देते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध और गैर-मानक शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और सभी अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा।