ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र से दोस्ती और विश्वासघात की एक सनसनीखेज कहानी सामने आई है। सोने के कड़ों के लालच में एक युवक ने अपने बचपन के दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शव को जलाने की भी कोशिश की। हालांकि, कासना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से महज तीन दिनों में इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़िए कैसे लालच ने दोस्ती को मौत के अंजाम तक पहुंचा दिया।
News Diary Today, Greater Noida |
ग्रेटर नोएडा। रिश्तों में भरोसा सबसे बड़ी पूंजी माना जाता है, लेकिन जब यही भरोसा लालच के आगे टूट जाए तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र से सामने आया एक ऐसा ही मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक युवक ने कथित तौर पर अपने बचपन के दोस्त की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसकी नजर सोने के कड़ों पर पड़ गई थी।
कासना पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा करते हुए 19 वर्षीय आरोपी शहजाद उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक के सोने के कड़े, वारदात में इस्तेमाल डंडा और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
चीरसी नहर के पास मिला था अज्ञात शव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 12 जून को थाना कासना क्षेत्र के चीरसी नहर के पास एक युवक का शव बरामद हुआ था। शव की स्थिति बेहद संदिग्ध थी और प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा था। मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी, जिसके चलते पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में गुमशुदगी की जानकारी जुटानी शुरू की।
जांच के दौरान शव की पहचान 23 वर्षीय हुजैफ निवासी दौला राजपुर, थाना दनकौर के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को और तेज कर दिया।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर बनीं तीन टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से मृतक की अंतिम लोकेशन और उसके संपर्कों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर शक की सुई मृतक के परिचित शहजाद उर्फ बिट्टू की ओर घूम गई। लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
नया कारोबार शुरू करने के लिए बेचने थे सोने के कड़े
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक हुजैफ नया कारोबार शुरू करना चाहता था। इसके लिए उसे पैसों की आवश्यकता थी। धन की व्यवस्था करने के उद्देश्य से उसने अपनी मां के सोने के कड़े घर से लिए थे और उन्हें बेचने की योजना बना रहा था।
हुजैफ ने अपने पुराने दोस्त शहजाद से कड़े बिकवाने में मदद मांगी थी। दोनों के बीच पुरानी दोस्ती होने के कारण हुजैफ को उस पर पूरा भरोसा था। लेकिन यही भरोसा उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ।
लालच ने दोस्ती को किया खत्म
पुलिस के मुताबिक, जब शहजाद ने सोने के कड़े देखे तो उसके मन में उन्हें हड़पने का लालच आ गया। उसने कथित रूप से योजना बनाई कि यदि वह कड़े अपने पास रख ले तो उसे बड़ी रकम मिल सकती है।
योजना के तहत 12 जून को आरोपी ने हुजैफ को कड़े बेचने का झांसा दिया और अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान इलाके की ओर ले गया। वहां पहुंचने के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई और मौका मिलते ही आरोपी ने डंडे से हुजैफ के सिर पर कई वार किए।
गंभीर चोटों के कारण हुजैफ की मौके पर ही मौत हो गई।
पहचान मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने और पहचान छिपाने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि उसने शव को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तथा पेट्रोल डालकर उसे जलाने की भी कोशिश की, ताकि मृतक की पहचान न हो सके और पुलिस जांच भटक जाए।
हालांकि आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के सामने आरोपी की यह कोशिश नाकाम साबित हुई।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने खोला राज
पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर सोने के कड़े, हत्या में इस्तेमाल डंडा और बाइक बरामद की गई।
डीसीपी ने दी जानकारी
डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि 12 जून को मिले अज्ञात शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की थी। तीन विशेष टीमों ने समन्वय बनाकर काम किया और बेहद कम समय में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने आभूषणों के लालच में अपने ही परिचित की हत्या की थी। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
