राजाखेड़ा में स्वजनगणना को लेकर प्रशासन सक्रिय, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित।

धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में आगामी स्वजनगणना 2026 को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को नगरपालिका मीटिंग हॉल में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को स्वगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

✍️ उत्तम दीक्षित |

न्यूज़ डायरी टुडे, राजस्थान

धौलपुर न्यूज़ : राजाखेड़ा नगरपालिका के मीटिंग हॉल में गुरुवार को स्वजनगणना को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में उपखण्ड अधिकारी सुशीला मीणा की अध्यक्षता में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई तथा उपस्थित सभी लोगों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में तहसीलदार दीप्ती देव, नायब तहसीलदार देवेंद्र तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह जादौन और क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर स्वजनगणना अभियान को लेकर अपनी जिम्मेदारियों को समझा।

स्थानीय प्रतिनिधियों की रही सक्रिय उपस्थिति
बैठक में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें सकील खान, नाहर सिंह, उत्तम दीक्षित, लक्ष्मण सिंह तोमर, सत्यम गुप्ता, राजू तिवारी, राजेंद्र सिंह, पवन कुमार, कैलाश चिहार, गीतम सिंह, नीतेश गौड़, संजय कुमार, पप्पू सिंह, मनोज कुमार, मौहर सिंह, विजय सिंह, सद्दाम खान, रवि जैन और सचिन कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे।

फील्ड ट्रेनर्स ने दी स्वजनगणना की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स दिनेश कुमार शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, अमरीश कुमार, बहादुर सिंह, हरिओम सिंह और राजेश कुमार ने स्वजनगणना की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि नागरिक किस प्रकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

1 से 15 मई तक चलेगा स्वगणना अभियान
अधिकारियों ने बताया कि स्वजनगणना अभियान 1 मई से 15 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि में सभी नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल http://se.census.gov.in⁠ पर लॉगिन कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल स्वजनगणना प्रणाली से डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगा। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।