आठ साल बाद भी न्याय की लड़ाई जारी, रोहिणी छात्रा केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

:- एक और निर्भया को न्याय की आस, सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई उम्मीद

न्यूज़ डायरी टुडे, नई दिल्ली।

दिल्ली के रोहिणी इलाके में वर्ष 2017 में घटित एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 16 अगस्त 2017 को कक्षा 12 की एक मेधावी छात्रा, जो दिल्ली प्रदेश में दसवीं कक्षा की टॉपर रह चुकी थी और एक उदीयमान कवयित्री भी थी, रोज़ की तरह ट्यूशन पढ़ने घर से निकली थी, लेकिन वह फिर कभी लौटकर नहीं आई। जांच में सामने आया कि छात्रा का उसके ही स्कूल का पूर्व सीनियर लगातार पीछा कर रहा था और पहले भी इस संबंध में शिकायत की जा चुकी थी। घटना वाले दिन छात्रा को आख़िरी बार उसी सीनियर के साथ रोहिणी मार्केट में देखा गया। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने महीनों तक छात्रा का यौन शोषण किया था और सच सामने आने के डर से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने अपराध की निर्ममता की पुष्टि की।


इस जघन्य अपराध ने दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में भारी जनआक्रोश पैदा कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए रोहिणी जिला अदालत ने 23 अगस्त 2018 को आरोपी को नाबालिग छात्रा के यौन शोषण और सुनियोजित हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित थी और सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई थी, हालांकि आरोपी की उम्र को ध्यान में रखते हुए उसे मृत्युदंड नहीं दिया गया। इसके बाद आरोपी ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की, जहां हाईकोर्ट ने सजा को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए हत्या की धारा 302 को गैर-इरादतन हत्या की धारा 304 में परिवर्तित कर दिया और सजा में राहत प्रदान की। इस फैसले से पीड़िता का परिवार और आमजन आहत हो गए।


दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पीड़िता के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनकी ओर से एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सौरभ त्रिवेदी ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदूरकर शामिल हैं, ने हाईकोर्ट के फैसले पर नोटिस जारी करते हुए याचिका पर सुनवाई स्वीकार कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से एक बार फिर वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवार को उम्मीद जगी है कि एक और निर्भया को इंसाफ मिलेगा।

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  • Harvir Chauhan

    Harvir Chauhan
    Editor-in-Chief & Founder, News Diary Today

    हरवीर चौहान एक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडिया उद्यमी हैं, जिन्हें समाचार एवं डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 10+ वर्षों का अनुभव है। वे Doordarshan Uttar Pradesh और India News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे NewsDiaryToday.com और ‘न्यूज़ डायरी टुडे’ साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक एवं Editor-in-Chief हैं। वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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