News Diary Today | Greater Noida
ग्रेटर नोएडा। सड़क पर हॉर्न बजाने जैसी मामूली बात कब खूनी विवाद का रूप ले ले, इसका ताजा उदाहरण ग्रेटर नोएडा के बादलपुर क्षेत्र में देखने को मिला। यहां एक कार चालक द्वारा रास्ता मांगने के लिए हॉर्न बजाना कुछ युवकों को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने पीछा कर दिनदहाड़े फायरिंग कर दी। हालांकि घटना के बाद सक्रिय हुई बादलपुर पुलिस ने मात्र 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त टोयोटा ग्लैंजा कार बरामद हुई है। पुलिस का दावा है कि फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हॉर्न बजाने पर भड़के आरोपी, पीछा कर की फायरिंग
पुलिस के अनुसार 15 जून को एक कार चालक बुलंदशहर से दादरी की ओर जा रहा था। जीटी रोड पर उसके आगे एक टोयोटा ग्लैंजा कार चल रही थी। रास्ता साफ कराने और साइड लेने के लिए चालक ने सामान्य रूप से हॉर्न बजाया। लेकिन कार में सवार युवकों ने इसे अपनी बेइज्जती और चुनौती समझ लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हॉर्न बजने के बाद ग्लैंजा कार में बैठे युवक आक्रोशित हो गए। उन्होंने पीड़ित चालक का पीछा किया और उसे डराने-धमकाने के उद्देश्य से दो राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना बादलपुर पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस की मैनुअल इंटेलिजेंस ने खोला पूरा राज
फायरिंग की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात में इस्तेमाल की गई टोयोटा ग्लैंजा कार आरोपी राहुल के पड़ोसी के मौसा की है।
पूछताछ में सामने आया कि राहुल दो दिन पहले ही शौकिया तौर पर गाड़ी चलाने के बहाने कार लेकर आया था। वाहन मालिक को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसकी कार का इस्तेमाल आपराधिक वारदात में किया जाएगा।
लगातार निगरानी और सूचना संकलन के बाद पुलिस ने अम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के पास कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कार की डिग्गी खोलते ही पुलिस भी रह गई हैरान
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों की कार की तलाशी ली तो बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए। बरामदगी देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से: 2 अवैध पिस्टल, 4 तमंचे, 32 जिंदा कारतूस, 127 खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त टोयोटा ग्लैंजा कार बरामद की गई है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी विभिन्न स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन कर दहशत फैलाने का प्रयास करते थे। पुलिस अब बरामद कारतूसों और अन्य आपराधिक घटनाओं के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
हिस्ट्रीशीटर निकला गैंग का सरगना
गिरफ्तार आरोपियों में नीटू उर्फ कुलदीप गैंग का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह हत्या, गैंगस्टर एक्ट, रंगदारी समेत कई गंभीर मामलों में वांछित रह चुका है।
उसके खिलाफ पहले से पांच संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि राहुल और मनोज उसके सहयोगी के रूप में काम करते थे और इलाके में दबंगई दिखाने तथा लोगों में भय का माहौल बनाने का प्रयास करते थे।
पूछताछ के दौरान पुलिस को गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फरार दो आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी दो अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एडीसीपी स्वतंत्र सिंह बोले: “हथियार दिखाकर दहशत फैलाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, अपराधी जेल में होगा या जिले से बाहर”
एडीसीपी सेन्ट्रल स्वतंत्र सिंह ने बताया कि जीटी रोड पर हुई फायरिंग की घटना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहा और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई है। मुख्य आरोपी नीटू उर्फ कुलदीप शातिर हिस्ट्रीशीटर है। मामूली बात पर हथियारों का प्रदर्शन कर दहशत फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
एडीसीपी ने आगे कहा कि कमिश्नरेट पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अपराधी या तो जेल में होगा या जिले से बाहर। जनता निश्चिंत रहे, कानून का राज कायम है।”
