नोएडा में प्री-मानसून की पहली ही तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी है। जलभराव रोकने और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम के बड़े-बड़े दावे करने वाले नोएडा प्राधिकरण का खुद का मुख्य प्रशासनिक भवन पानी में घिर गया। सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के स्वागत कक्ष के बाहर घुटनों तक भरे पानी ने न सिर्फ आम लोगों की परेशानी बढ़ाई, बल्कि मानसून तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब प्राधिकरण का अपना परिसर ही जलभराव से नहीं बच पाया, तो शहर के अन्य इलाकों की स्थिति कैसी होगी? पहली ही बारिश में सामने आई यह तस्वीरें व्यवस्था की पोल खोल रही हैं।
News Diary Today, Noida |
Noida News : दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में हुई प्री-मानसून की पहली ही जोरदार बारिश ने नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के ड्रेनेज सिस्टम और जलभराव से निपटने के तमाम दावों की हवा निकाल दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे शहर को जलभराव से बचाने का दावा करने वाले प्राधिकरण के खुद के मुख्य प्रशासनिक भवन की व्यवस्था इस बारिश में बह गई। बता दें कि बारिश के कुछ ही घंटों बाद सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के मुख्य स्वागत कक्ष (Reception) के ठीक बाहर भारी जलभराव देखने को मिला। यहाँ घुटनों तक पानी भर जाने के कारण दफ्तर आने वाले आम नागरिकों, सहित तमाम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को मजबूरी में इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
जनता उठा रही सवाल?
स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि जो प्राधिकरण करोड़ों रुपये का बजट ड्रेनेज सफाई और मानसून की तैयारियों पर खर्च करता है, अगर उसके खुद के वीआईपी दफ्तर का यह हाल है, तो शहर के निचले इलाकों और गांवों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पहली ही बारिश ने प्राधिकरण की पोल खोलकर रख दी है।