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Noida News : नोएडा के भंगेल स्थित खसरा संख्या 145 की भूमि को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता राहुल अवाना और गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता सुभाष चंद के परिवार के बीच विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बुधवार को दोनों पक्षों ने अलग-अलग प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। मामला अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा का विषय भी बनता जा रहा है।
अधिवक्ता सुभाष चंद का दावा
सेक्टर-29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अधिवक्ता सुभाष चंद ने आरोप लगाया कि सपा नेता राहुल अवाना उनकी 1,017 वर्गगज भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
सुभाष चंद के अनुसार, उनके पिता स्वर्गीय नत्थी सिंह पथिक ने वर्ष 1989-90 में भंगेल में 2,117 वर्गगज भूमि खरीदी थी। बाद में नोएडा प्राधिकरण द्वारा लगभग 300 वर्गगज भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया। उनका दावा है कि शेष भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है।
सुभाष चंद का कहना है कि संबंधित सिविल वाद में न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला दिया था तथा राहुल अवाना के पिता अजीत अवाना की अपील भी 28 फरवरी 2025 को खारिज हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम दादरी द्वारा कब्जा दिलाने और मेड़बंदी के आदेश जारी होने के बावजूद प्रशासन अब तक कार्रवाई नहीं कर पाया है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष प्रशासनिक हस्तक्षेप और न्याय की मांग की।
राहुल अवाना ने आरोपों को बताया भ्रामक
वहीं समाजवादी पार्टी नेता राहुल अवाना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी आरोपों को भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है।
राहुल अवाना का कहना है कि खसरा संख्या 145 स्थित भूमि उनके दादा और चाचाओं की पैतृक संपत्ति है, जहां वर्तमान में लगभग 150 कमरे और दुकानें मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि भूमि विवाद से जुड़ा मामला एडीजे कोर्ट-3, सूरजपुर में वाद संख्या 33 के तहत विचाराधीन है।
राहुल अवाना ने कहा कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब एकतरफा दावे और सार्वजनिक आरोप न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
राहुल अवाना ने कहा, “मैं कानून और न्यायपालिका का सम्मान करता हूं और न्यायालय के प्रत्येक आदेश का पालन करूंगा।”
क्या है विवाद की जड़?
विवाद की मूल वजह भंगेल के खसरा संख्या 145 की भूमि पर स्वामित्व और कब्जे का दावा है।
- सुभाष चंद पक्ष का दावा है कि उनके परिवार ने 2,117 वर्गगज भूमि खरीदी थी, जिसमें अधिग्रहण के बाद 1,017 वर्गगज भूमि बची।
- राहुल अवाना पक्ष का कहना है कि भूमि उनके परिवार की पैतृक संपत्ति है और उनके पास भी स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं।
- दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों और न्यायालयी आदेशों का हवाला दे रहे हैं।
- प्रशासनिक कार्रवाई और कब्जे को लेकर भी दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
फिलहाल क्या स्थिति है?
भूमि विवाद से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। दोनों पक्ष स्वयं को सही ठहरा रहे हैं और अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज होने की बात कह रहे हैं। अब सभी की निगाहें न्यायालय और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
(नोट: इस समाचार में शामिल सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावों और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित हैं। मामले का अंतिम सत्यापन न्यायालय और सक्षम प्रशासनिक प्राधिकरण के निर्णय के अधीन है।)
