नोएडा में दर्दनाक हादसा: खुले नाले में गिरने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में खुले नाले ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। 70 वर्षीय रुमाल सिंह की दर्दनाक मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और नोएडा प्राधिकरण की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

News Diary Today | Noida News

नोएडा। सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खुले पड़े नाले में गिरने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान मामूरा गांव, गली नंबर-7 निवासी 70 वर्षीय रुमाल सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से नाले के किनारे से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे खुले नाले में जा गिरे।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उनकी चीख-पुकार सुनकर तत्काल मौके पर पहुंचकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद रुमाल सिंह को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के स्थानीय लोग

हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सेक्टर-66 और मामूरा के कई हिस्सों में लंबे समय से नाले खुले पड़े हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद नोएडा प्राधिकरण ने न तो नालों को ढकने की व्यवस्था की और न ही वहां सुरक्षा बैरिकेडिंग लगाई।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। उनका आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही ने एक परिवार से उसका बुजुर्ग सदस्य छीन लिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यह हादसा शहर में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। खुले नाले और असुरक्षित सार्वजनिक स्थान पहले भी कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी खुले नालों को तत्काल ढका जाए, सुरक्षा बैरिकेडिंग लगाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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