:- श्रमिक आंदोलन की आड़ में साजिश का खुलासा, 1000+ गिरफ्तारियों में कई बाहरी तत्व शामिल—जांच में बड़े संकेत
Noida : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन के मामले में पुलिस और STF की जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह प्रदर्शन केवल वेतन वृद्धि की मांग तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश के संकेत मिले हैं।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा के विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिकों द्वारा वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। इस दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कई घटनाएं सामने आईं।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए करीब 1050 लोगों को हिरासत में लिया था।
STF की जांच में बड़ा खुलासा
STF की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से बड़ी संख्या वास्तविक श्रमिकों की नहीं थी।
लगभग 45 लोग बाहरी तत्व पाए गए। इनका उद्देश्य औद्योगिक शांति को भंग करना बताया जा रहा है। कई लोगों को अन्य राज्यों से बुलाया गया था, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं
जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह पूरा घटनाक्रम एक पूर्व नियोजित रणनीति के तहत अंजाम दिया गया।
कितने लोग असली आरोपी?
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि:
कुल 1050 गिरफ्तारियों में से केवल 62 लोग गंभीर आरोपों (हिंसा, आगजनी, उकसावे) में शामिल पाए गए
बाकी लोगों पर शांतिभंग (Breach of Peace) जैसी हल्की धाराएं लगाई गई हैं
जमानत और रिहाई का अपडेट
कानूनी प्रक्रिया के तहत अब तक 299 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है उन्हें जेल से रिहा भी किया जा चुका है
अन्य मामलों में सुनवाई जारी है
सोशल मीडिया और विदेशी कनेक्शन की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ
कुछ अकाउंट्स के विदेश (पाकिस्तान) से ऑपरेट होने का संदेह है साथ ही, कुछ संदिग्ध संगठनों और विचारधाराओं की भूमिका की भी जांच चल रही है
क्या है वर्तमान स्थिति।
प्रशासन के अनुसार नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है
किसी भी तरह की अफवाह पर नजर रखी जा रही है।