न्यूज़ डायरी टुडे, लखनऊ/नोएडा।
लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से ठीक पहले बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के 27 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) सहित संयुक्त शिक्षा निदेशक (JDE), उप शिक्षा निदेशक (DDE) और अपर शिक्षा निदेशक (ADE) स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सूची के अनुसार लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, आगरा, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मथुरा, बाराबंकी, हरदोई, सहारनपुर और बागपत समेत कई महत्वपूर्ण जिलों में नए जिला विद्यालय निरीक्षकों की तैनाती की गई है। शासन ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
नोएडा में चंद्रशेखर बने नए DIOS
गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में चंद्रशेखर को नया जिला विद्यालय निरीक्षक नियुक्त किया गया है। जिले में माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की मान्यता, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
नए शैक्षणिक सत्र से पहले बड़ा कदम
1 जून से प्रदेशभर में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर कार्यभार ग्रहण करें ताकि प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यपुस्तक वितरण, छात्रवृत्ति योजनाओं और बोर्ड परीक्षा तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
सूत्रों के अनुसार इस बार के तबादलों को विभाग में “प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक” माना जा रहा है। कई जिलों में लंबे समय से तैनात अधिकारियों को हटाया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभागीय स्तर पर भी हुए बड़े बदलाव
सिर्फ जिला विद्यालय निरीक्षक ही नहीं बल्कि मंडलीय और निदेशालय स्तर पर भी कई अधिकारियों के पदस्थापन में बदलाव किया गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक (JDE), उप शिक्षा निदेशक (DDE) और अपर शिक्षा निदेशक (ADE) स्तर पर भी व्यापक फेरबदल हुआ है।
शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि इन बदलावों का सीधा असर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा की कार्यशैली, निरीक्षण व्यवस्था, स्कूल प्रबंधन और परीक्षा प्रणाली पर दिखाई देगा।
DIOS की क्या होती है भूमिका?
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) किसी भी जिले में कक्षा 9 से 12 तक संचालित सरकारी, सहायता प्राप्त (एडेड) और मान्यता प्राप्त विद्यालयों का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता है।
DIOS की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं—
- विद्यालयों की मान्यता संबंधी कार्य
- शिक्षकों की नियुक्ति एवं सेवा मामलों की निगरानी
- बोर्ड परीक्षाओं का संचालन
- छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन
- विद्यालयों का निरीक्षण
- शैक्षणिक गुणवत्ता की निगरानी
इसी कारण DIOS पद को शिक्षा विभाग में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रमुख जिलों में नए DIOS की तैनाती
- लखनऊ – देवेंद्र कुमार पांडेय
- प्रयागराज – संतोष कुमार राय
- कानपुर नगर – प्रवीण कुमार तिवारी
- आगरा – रविंद्र पाल सिंह (प्रभारी)
- गौतमबुद्धनगर – चंद्रशेखर
- गाजियाबाद – बुद्ध प्रिय सिंह
- संतकबीरनगर – उपेंद्र कुमार (प्रभारी)
- मिर्जापुर – राजीव कुमार दीक्षित (प्रभारी)
- अंबेडकरनगर – कौस्तुभ कुमार सिंह
- जौनपुर – देवेंद्र कुमार सिंह (प्रभारी)
- मथुरा – राघवेंद्र सिंह
- बाराबंकी – अमिता सिंह
- हरदोई – अरविंद कुमार
- सहारनपुर – जय करन यादव
- बागपत – राजीव कुमार यादव
- फर्रुखाबाद – संजीव कुमार (प्रभारी)
- फिरोजाबाद – मुदिता पांडेय (प्रभारी)
- बलिया – मनोज कुमार मिश्र
इसके अलावा वाराणसी, मेरठ, बरेली, अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद और झांसी समेत कई अन्य जिलों में भी जिला विद्यालय निरीक्षकों की तैनाती बदली गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर दिखेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से शिक्षा विभाग में कार्यप्रणाली और जवाबदेही बढ़ सकती है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ सरकार स्कूलों में नामांकन, डिजिटल शिक्षा, परीक्षा प्रबंधन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर विशेष फोकस कर रही है। ऐसे में यह प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।