ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ला रेजीडेंसिया प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं और घर खरीदारों की शिकायतों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के CEO को 15 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से तलब कर अब तक की कार्रवाई और एक्शन प्लान पेश करने का निर्देश दिया है।
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Prayagraj/ greater Noida | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के बहुचर्चित ला रेजीडेंसिया (La Residentia) हाउसिंग प्रोजेक्ट में गंभीर अनियमितताओं और धांधली की शिकायतों को बेहद संजीदगी से लिया है। कोर्ट ने इस मामले में ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताते हुए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया है। न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि घर खरीदारों के हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अहम मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को मुकर्रर की गई है। बता दें कि प्रोजेक्ट के निर्माण में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर और खरीदारों की गाढ़ी कमाई के पैसों को दूसरी जगह डाइवर्ट करने के गंभीर आरोप लगे हैं।कोर्ट इस बात से खफा है कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बिल्डर की इन कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन पर समय रहते सख्त कदम क्यों नहीं उठाए।प्रोजेक्ट में मूलभूत सुविधाओं की कमी, देरी से पजेशन और बिल्डर द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने की वजह से सैकड़ों फ्लैट बायर्स पिछले कई सालों से मानसिक और वित्तीय तनाव झेल रहे हैं।गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट पहले ही नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और सुप्रीम कोर्ट के चौखट तक पहुंच चुका है, जिसके कारण खरीदारों की रजिस्ट्री और घर का मालिकाना हक अधर में लटका हुआ है।
कोर्ट की सख्त हिदायत!
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि 15 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा, बल्कि उन्हें इस पूरे मामले पर प्राधिकरण द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और खरीदारों को न्याय दिलाने का पूरा खाका (Action Plan) भी कोर्ट के समक्ष पेश करना होगा।अदालत का यह सख्त रुख नोएडा-ग्रेटर नोएडा के उन हजारों घर खरीदारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है, जो सालों से अपने सपनों के आशियाने के लिए बिल्डरों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। अब सबकी नजरें 15 सितंबर को होने वाली कोर्ट की बड़ी सुनवाई पर टिकी हैं।