नोएडा पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ा वार करते हुए दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 62 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई जा रही है। जांच में एक बड़े ड्रग सिंडिकेट के तार सामने आए हैं।
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Noida News : कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना फेस-1 पुलिस ने सटीक मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो शातिर अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से कुल 62 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 16 लाख रुपये बताई जा रही है। बता दें कि पुलिस के अनुसार, दिनांक 25 जून 2026 को थाना फेस-1 पुलिस की टीम ने सेक्टर-8 स्थित नर्सरी के गेट के पास जाल बिछाकर दोनों तस्करों को दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मौ0 मुजफ्फर अंसारी (पुत्र जियाबुल अंसारी) और टिंकू (पुत्र रामबाबू) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी जे.जे. कॉलोनी, सेक्टर-9, थाना फेस-1, गौतमबुद्धनगर के ही रहने वाले हैं और पुलिस पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। यह गिरोह पश्चिम बंगाल से गांजे की बड़ी खेप खरीदता था। पकड़े जाने के डर से वे गांजे को छोटे-छोटे पैकेटों में पैक करते थे और रेल मार्ग से सफर के दौरान ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में छिपाकर रख देते थे और दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद, गिरोह के सदस्य सभी छोटे पैकेटों को एक बड़ी बोरी में इकट्ठा कर लेते थे। इसके बाद, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए किराये के ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया जाता था। इन वाहनों के जरिए वे दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय फुटकर (लोकल) विक्रेताओं को गांजे की सप्लाई करते थे और मोटा अवैध मुनाफा कमाते थे और थाना फेस-1 पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार काफी गहरे जुड़े हैं। फिलहाल, पुलिस इस अवैध नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके पूरे सिंडिकेट का पता लगाने के लिए गहन छानबीन कर रही है, ताकि दिल्ली-एनसीआर में मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
ड्रग सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क को करेंगे ध्वस्त”: एडीसीपी नोएडा
अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) नोएडा, मनीषा सिंह ने बताया कि मुखबिर और मैनुअल इंटेलिजेंस की सटीक सूचना पर फेस-1 पुलिस ने दोनों तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और तस्कर पुलिस से बचने के लिए गांजे के छोटे पैकेट बनाकर ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में छिपाते थे और दिल्ली से नोएडा लाने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल करते थे और पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह एनसीआर के स्थानीय पैडलर्स के जरिए कॉलेज छात्रों और पीजी (PG) में रहने वाले युवाओं को निशाना बना रहा था और एडीसीपी ने साफ किया कि आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इनके पश्चिम बंगाल के सप्लायर और स्थानीय नेटवर्क की जांच कर पूरे सिंडिकेट को खत्म करेगी।