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नोएडा न्यूज़ । सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के नए दफ़्तर के उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर समाजवादी पार्टी, नोएडा महानगर ने जोरदार विरोध की रणनीति बनाई थी। पार्टी की ओर से ग्रेटर नोएडा ज़िम्स में नर्सिंग स्टाफ़ और अन्य कर्मचारियों की कथित गिरफ्तारी के विरोध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई थी। साथ ही ज्ञापन स्वीकार न किए जाने की स्थिति में काले झंडे दिखाने तक की बात सोशल मीडिया पर पोस्टर और संदेशों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित की गई।
लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आई।
सूत्रों के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम के दिन सुबह करीब 11 बजे कार्यकर्ताओं को सेक्टर-73 स्थित स्क्वेर मॉल पर एकत्र होने का संदेश दिया गया था। इसके बाद भी जब अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी तो दूसरा स्थान बदलकर हाजीपुर मंदिर के पास इकट्ठा होने का संदेश भेजा गया। इसके बावजूद स्थिति यह रही कि किसी भी स्थान पर लगभग दर्जन भर से अधिक कार्यकर्ता एकत्र नहीं हो सके।
यह दृश्य शहरभर में चर्चा का विषय बन गया कि जिस संगठन के पास कागज़ों में मजबूत ढांचा है, वह सड़कों पर इतनी कमजोर उपस्थिति क्यों दिखा रहा है।

जानकारी के अनुसार, नोएडा महानगर कार्यकारिणी में 51 पदाधिकारी हैं। इसके अलावा 17 आनुषंगिक संगठन भी सक्रिय बताए जाते हैं, जिनमें प्रत्येक में औसतन 21 पदाधिकारी माने जाएं तो कुल संख्या 400 से अधिक पहुंचती है। इसके बावजूद प्रदर्शन के दौरान न तो वरिष्ठ नेता नजर आए और न ही पूर्व विधानसभा प्रत्याशी या पूर्व महानगर अध्यक्ष।
स्थिति यहां तक रही कि आखिरकार संगठन को किसी तरह ज्ञापन पुलिस अधिकारी को सौंपकर औपचारिकता पूरी करनी पड़ी, जिससे “प्रदर्शन की योजना” अधिक “कागज़ी उपस्थिति” तक सीमित रह गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए जहां हर पार्टी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है, वहीं नोएडा में सपा संगठन की यह स्थिति पार्टी की अंदरूनी कमजोरी और समन्वय की कमी को उजागर करती है। पिछले लगभग तीन वर्षों से कार्यरत महानगर कार्यकारिणी के बावजूद संगठन में अपेक्षित तालमेल और सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।
कई महत्वपूर्ण मुद्दों है —जैसे किसानों की समस्याएं, गांवों की बदहाली और शहरी मुद्दों—पर भी पार्टी की सक्रियता सीमित औपचारिक आयोजनों तक ही सिमटी नजर आती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और कई बार महानगर अध्यक्ष रह चुके Veer Singh Yadav ने भी कुछ समय पहले सोशल मीडिया के माध्यम से संगठन को एकजुट होकर काम करने की नसीहत दी थी। उनके बयान को पार्टी के भीतर चल रही असंतोष की हल्की झलक के तौर पर देखा गया था।
