Noida News: नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और कथित दुर्व्यवहार के आरोपों पर सूरजपुर थाना प्रभारी को निलंबित कर बड़ा संदेश दिया है। इस कार्रवाई के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों हुई यह सख्त कार्रवाई।
नोएडा न्यूज़ | उत्तर प्रदेश की तेज-तर्रार और अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह एक बार फिर फुल एक्शन मोड में नजर आई हैं। कमिश्नर ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना प्रभारी पर निलंबन की बड़ी गाज गिराई है। बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार, सूरजपुर थाना प्रभारी के खिलाफ लगातार आम नागरिकों और पीड़ितों से दुर्व्यवहार, जन शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने की शिकायतें आला अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। पुलिस कमिश्नर ने इन शिकायतों की आंतरिक जांच कराई, जिसमें आरोप शुरुआती तौर पर सही पाए गए। अपराधियों पर लगाम कसने और आम जनता को न्याय दिलाने में अक्षम साबित होने पर कमिश्नर ने यह सख्त कदम उठाया। सूरजपुर थाना प्रभारी के अचानक हुए इस निलंबन के बाद पूरे गौतम बुद्ध नगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि पुलिस का काम पीड़ितों को न्याय देना है, न कि उन्हें थानों के चक्कर कटवाना। सूरजपुर कोतवाली का प्रभार फिलहाल के लिए किसी अन्य योग्य अधिकारी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और निलंबित प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
विभाग में मची खलबली?
सूरजपुर थाना प्रभारी के अचानक हुए इस निलंबन के बाद पूरे गौतमबुद्ध नगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि पुलिस का काम पीड़ितों को न्याय देना है, न कि उन्हें थानों के चक्कर कटवाना। सूरजपुर कोतवाली का प्रभार फिलहाल के लिए किसी अन्य योग्य अधिकारी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और निलंबित प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।