ग्रेटर नोएडा के चर्चित श्रमिक हिंसा मामले में पुलिस ने चौथी चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है। 24 आरोपियों के खिलाफ डिजिटल सबूत, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और फोन लोकेशन के आधार पर कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई है। पुलिस का दावा है कि हिंसा की साजिश ग्रेटर नोएडा से आगे दूसरे राज्यों तक प्रदर्शन फैलाने की थी।
News Diary Today | Noida News
ग्रेटर नोएडा | चर्चित श्रमिक हिंसा मामले में पुलिस ने शुक्रवार को न्यायालय में चौथी चार्जशीट दाखिल कर दी है। 100 से अधिक पन्नों की इस चार्जशीट में 24 आरोपियों और 25 गवाहों का जिक्र किया गया है। पुलिस ने डिजिटल सबूत और आरोपियों की फोन लोकेशन को चार्जशीट का आधार बनाया है। बता दें कि चार्जशीट में आकृति चौधरी, सुमित गुप्ता और मनीष चौधरी को हिंसा का प्रमुख साजिशकर्ता बताया गया है। इसके अलावा आदित्य, सचिन शर्मा, हिमांशु और अरुण ठाकुर समेत कुल 24 लोगों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल किए गए हैं और पुलिस की जांच में सामने आया है कि श्रमिक हिंसा की पूरी रणनीति कई गुप्त बैठकों में तैयार की गई थी। चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों का मकसद केवल ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रदर्शन का दायरा दूसरे राज्यों तक बढ़ाने की योजना थी। इसके लिए फंडिंग और लोगों को जुटाने की तैयारी भी की गई थी और पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को अहम सबूत के तौर पर पेश किया है। चार्जशीट में 25 गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ चश्मदीद और कुछ पुलिसकर्मी शामिल हैं।
क्या था पूरा मामला!
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। इस दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था और पुलिस पर भी हमला हुआ था। मामले में पहले भी तीन चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं। चौथी चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। कोर्ट जल्द ही चार्जशीट पर संज्ञान लेकर आगे की सुनवाई शुरू करेगी।
