नोएडा पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 8 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। रैपिडो राइडर की आड़ में लूट और जीरा बेचने के बहाने चोरी के मोबाइलों के पार्ट्स बेचने वाले इस गैंग से 98 मोबाइल और सैकड़ों स्पेयर पार्ट्स बरामद हुए हैं।
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सेंट्रल नोएडा | नोएडा पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और चोरी के एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 8 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर-63 पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में रैपिडो बाइक टैक्स चालक और जीरा बेचने के बहाने चोरी के फोन काटने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है, जिनके पास से 98 मोबाइल और सैकड़ों स्पेयर पार्ट्स बरामद हुए हैं। बता दें कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस को मोबाइल स्नैचिंग, टप्पेबाजी और चोरी के सिंडिकेट के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना सेक्टर-63 नोएडा पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के सटीक तालमेल से इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 8 अभियुक्तों को दबोच लिया है।पुलिस टीम ने 5 अगस्त 2026 को सबसे पहले एक गुप्त सूचना के आधार पर ग्रीन बेल्ट, सेक्टर-63 से दो मुख्य स्नैचर्स को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुशल (पुत्र कनही सिंह) और रुपेश उर्फ गोलू (पुत्र सुनील कुमार मिश्रा) के रूप में हुई। इनके पास से पुलिस को मौके से एक लूटा हुआ मोबाइल फोन, एक अवैध चाकू तथा एक चोरी की मोटरसाइकिल जो दिल्ली के मंडावली थाने से चोरी हुई थी बरामद की और जब पुलिस ने कुशल और रुपेश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने उगल दिया कि वे राह चलते लोगों से छीने गए मोबाइलों को आगे किसे सप्लाई करते थे।इनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के मोबाइल खरीदने वाले 6 अन्य खरीदारों को भी ग्रीन बेल्ट से गिरफ्तार कर लिया।यह सभी आरोपी मूल रूप से शाहजहांपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में सेक्टर-63 के 25 फुटा रोड पर रह रहे थे। गिरफ्तार खरीदारों के नाम इस प्रकार हैं निजामुद्दीन (पुत्र शाहबुद्दीन), आरिफ (पुत्र शौकीन),सोनू (पुत्र पप्पू),छोट्टे (पुत्र जब्बीर),गुलफाम (पुत्र शौकीन) तथा हारुन (पुत्र बल्ली) के रूप में हुई।
मोबाइल का पूरा ‘ऑपरेशन थिएटर’ सीज!
अपराधियों के कब्जे और उनकी निशानदेही से पुलिस को भारी मात्रा में मोबाइल और उनके खुले हुए पार्ट्स मिले हैं। बरामद सामानों की सूची इस प्रकार है कि 98 मोबाइल
विभिन्न नामी कंपनियों के,100 डिस्प्ले अलग-अलग कंपनियों की,207 बैटरी मोबाइल से निकाली गईं,103 मोबाइल बैक पैनल,40मोबाइल खोखा,10 पेंचकस मोबाइल खोलने और पुर्जे अलग करने के औजार,एक अवैध चाकू तथा चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।
रैपिडो की आड़ में लूट और 1500 का खेल!
पुलिस जांच में इस गैंग के काम करने का बेहद चौंकाने वाला तरीका (Modus Operandi) सामने आया है कि मुख्य आरोपी कुशल शातिर दिमाग है। वह शहर में रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलाता था। रैपिडो चलाने के कारण किसी को उस पर शक नहीं होता था। वह अपने साथी रुपेश के साथ मिलकर सड़कों पर घूमकर ऐसे लोगों को टारगेट करता था जो फोन पर बात करते हुए जा रहे होते थे। मौका मिलते ही ये झपट्टा मारकर फोन छीनकर फरार हो जाते थे।गिरफ्तार किए गए अन्य 6 खरीदार असल में गलियों में घूमकर जीरा बेचने और इंसानी बाल खरीदने का काम करते थे। यह उनका कवर बिजनेस था।यह खरीदार स्नैचर्स से चोरी का मोबाइल महज 1500 से 2000 रुपये में खरीद लेते थे। इसके तुरंत बाद पेंचकस की मदद से फोन को पूरी तरह खोल दिया जाता था। फोन के आईएमईआई (IMEI) नंबर के ट्रैक होने से बचने के लिए ये फोन को कभी साबुत नहीं बेचते थे, बल्कि उसकी कीमती डिस्प्ले, ओरिजिनल बैटरी और बैक पैनल को अलग-अलग कबाड़ और मैकेनिकों को ऊंचे दामों पर बेचकर तगड़ा मुनाफा कमाते थे।
डीसीपी सेंट्रल का कड़ा रुख: ‘पार्ट्स गैंग’ के सभी 8 शातिर भेजे गए जेल
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-63 नोएडा पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर मोबाइल स्नैचिंग, टप्पेबाजी और चोरी के एक बहुत बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 08 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस सिंडिकेट के कब्जे और निशानदेही से 98 चोरी के मोबाइल फोन और लगभग 500 से अधिक अलग-अलग कंपोनेंट्स (डिस्प्ले, बैटरियां, बैक पैनल) और औजार बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य स्नैचर्स में से एक रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने की आड़ में रेकी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता था, जबकि शाहजहांपुर के रहने वाले अन्य 6 खरीदार जीरा बेचने की आड़ में इन मोबाइलों को औने-पौने दामों में खरीदकर उनके पार्ट्स अलग-अलग ब्लैक मार्केट में बेचते थे। सभी अपराधियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है, और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कबाड़ियों और रिसीवरों की तलाश जारी है।”
