नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में एक अति-लक्जरी रोल्स-रॉयस कार के पंजीकरण ने परिवहन विभाग के राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी की है। करीब 11 करोड़ 83 लाख 3 हजार 399 रुपये कीमत वाली इस लग्जरी कार का पंजीकरण कराने के दौरान वाहन स्वामी ने 1 करोड़ 56 लाख 20 हजार 440 रुपये टैक्स और पेनाल्टी के रूप में जमा कराए।
इतना जमा हुआ टैक्स
एआरटीओ (प्रशासन) गौतमबुद्ध नगर नंद कुमार के अनुसार, वाहन के पंजीकरण के लिए 1 करोड़ 30 लाख 16 हजार 740 रुपये का मोटर वाहन कर (रोड टैक्स) जमा कराया गया। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा और नियमों के अनुसार 26 लाख 3 हजार 700 रुपये की पेनाल्टी भी वसूली गई। इस तरह विभाग को कुल 1 करोड़ 56 लाख 20 हजार 440 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
परिवहन विभाग को बड़ा राजस्व
अधिकारियों का कहना है कि इतनी अधिक कीमत वाले वाहन का पंजीकरण जिले के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व उपलब्धि है। मोटर वाहन अधिनियम एवं उत्तर प्रदेश मोटर वाहन कराधान नियमों के तहत प्रत्येक नए वाहन का पंजीकरण और कर निर्धारण किया जाता है। यदि वाहन स्वामी समय पर कर जमा नहीं करता है या निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करता है, तो नियमानुसार अतिरिक्त पेनाल्टी देनी पड़ती है।
गौतमबुद्ध नगर बन रहा लग्जरी कारों का हब
परिवहन विभाग के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में गौतमबुद्ध नगर में महंगी और लग्जरी कारों के पंजीकरण की संख्या लगातार बढ़ी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में उद्योगपति, कॉरपोरेट अधिकारी, कारोबारी और उच्च आय वर्ग के लोग निवास करते हैं। इसी कारण समय-समय पर करोड़ों रुपये कीमत वाली लग्जरी कारों का पंजीकरण यहां देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में तेजी से हो रहा औद्योगिक और आर्थिक विकास, बेहतर सड़क नेटवर्क और बढ़ती क्रय क्षमता महंगी कारों की बढ़ती संख्या के प्रमुख कारण हैं।
समय पर पंजीकरण कराना जरूरी
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि नए वाहन खरीदने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण और मोटर वाहन कर का भुगतान अवश्य करें। ऐसा करने से अनावश्यक पेनाल्टी और अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है।
जिले के चर्चित पंजीकरणों में शामिल
करीब 11.83 करोड़ रुपये कीमत वाली रोल्स-रॉयस का यह पंजीकरण अब गौतमबुद्ध नगर के सबसे चर्चित वाहन पंजीकरणों में गिना जा रहा है। एक ही वाहन से परिवहन विभाग को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलना जिले के लिए एक उल्लेखनीय घटना मानी जा रही है।
