Noida News : गौतमबुद्धनगर पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट करने वाले युवक की महज 20 मिनट में लोकेशन ट्रेस कर उसकी जान बचा ली। दादरी पुलिस ने ट्रक में फंदा भी बरामद किया और समय रहते काउंसलिंग कर युवक को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया। यह मामला नोएडा पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल बन गया।
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गौतमबुद्धनगर | पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट पुलिस और डीजीपी मुख्यालय सोशल मीडिया सेंटर के समन्वित प्रयास से एक 38 वर्षीय व्यक्ति की जान बचाई गई। पत्नी से विवाद के बाद अवसाद में आकर युवक ने आत्महत्या का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था। बता दें कि दिनांक 30.06.2026 को सुबह 10:57 बजे मेटा कंपनी ने डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए अलर्ट भेजा। अलर्ट में बताया गया कि थाना दादरी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने आत्महत्या संबंधी वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया है। डीजीपी के निर्देश पर मुख्यालय ने तुरंत पीड़ित की लोकेशन ट्रेस कर कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल को सूचना दी और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मीडिया सेल ने तुरंत थाना दादरी पुलिस को अलर्ट किया। पीड़ित लगातार ट्रक चलाकर आगे बढ़ रहा था। पुलिस टीम रियल-टाइम लोकेशन के आधार पर उसका पीछा करती रही। करीब 20 मिनट के अथक प्रयास के बाद पुलिस टीम पीड़ित तक पहुंचने में सफल रही और पुलिसकर्मियों ने ट्रक को सुरक्षित रुकवाया। जांच में पाया कि पीड़ित खुद ट्रक चला रहा था और अत्यधिक मानसिक तनाव में था। ट्रक के अंदर लोहे की रॉड पर रस्सी का फंदा भी बंधा हुआ मिला, जिससे उसके आत्मघाती इरादे साफ जाहिर हो रहे थे और पुलिस टीम ने तुरंत पीड़ित को ट्रक से नीचे उतारा, पानी पिलाया और शांत वातावरण में काउंसलिंग कर उसकी मानसिक स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। इसी दौरान परिजनों को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। आवश्यक परामर्श के बाद पीड़ित को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।पूछताछ में पीड़ित ने बताया कि पत्नी से विवाद के चलते वह मानसिक रूप से व्यथित और अवसादग्रस्त हो गया था। इसी तनाव में उसने आत्मघाती कदम उठाने का मन बना लिया था। उसने कहा कि “यदि पुलिस नहीं रोकती तो मैं सुनसान जगह देखकर आत्महत्या कर लेता।”
भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन
पुलिस काउंसलिंग के बाद पीड़ित ने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का आश्वासन दिया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार जताया और पुलिसकर्मियों की सराहना की। पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित रिस्पॉन्स से अब तक कई जानें बचाई जा चुकी हैं। लोगों से अपील है कि मानसिक तनाव में पुलिस हेल्पलाइन 112 या मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क करें।
