हाई कोर्ट सख्त : गौतमबुद्ध नगर के DM के खिलाफ जमानती वारंट जारी, कोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर लगाई कड़ी फटकार”

प्रयागराज/नोएडा: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने आदेशों की लगातार अनदेखी पर कड़ी फटकार लगाई और डीएम को 2 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

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Prayagraj/ Noida | इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महेंद्र दत्त शर्मा केस में अदालत के आदेशों की अवहेलना करने पर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी (DM) के खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने जिला प्रशासन के ढीले रवैये और अदालती आदेशों के प्रति लापरवाही पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है। बता दें कि यह पूरा मामला महेंद्र दत्त शर्मा बनाम राज्य व अन्य याचिका से जुड़ा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले की पिछली सुनवाइयों के दौरान गौतमबुद्ध नगर प्रशासन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो स्पष्ट आदेश जारी किए थे जहां पहला आदेश 8 दिसंबर 2025 को जारी हुआ था तथा दूसरा 5 जनवरी 2026 को जारी हुआ था और इन दोनों आदेशों के माध्यम से कोर्ट ने जिलाधिकारी (DM) को हलफनामा (जवाब) दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी DM कार्यालय की तरफ से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया और न ही प्रशासनिक स्तर पर इस ओर कोई संजीदगी दिखाई गई।

सुनवाई के दौरान कोर्ट की कड़ी टिप्पणी!

1 जुलाई 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने प्रशासनिक लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि”न्यायालय के आदेशों की इस तरह की अवहेलना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी जैसे जिम्मेदार और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी से इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये की उम्मीद नहीं की जाती” और अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि अधिकारियों का ऐसा ढुलमुल रवैया न्यायिक प्रक्रिया में बेवजह बाधा उत्पन्न करता है।

कोर्ट का सख्त आदेश और अगली कार्रवाई?

लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं और गौतमबुद्ध नगर के संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM)के माध्यम से जिलाधिकारी के विरुद्ध जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया है।जिलाधिकारी को 2 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का हुक्म दिया गया है।DM को कोर्ट में उपस्थित होकर व्यक्तिगत रूप से यह स्पष्ट करना होगा कि बार-बार समय दिए जाने के बावजूद जवाब क्यों दाखिल नहीं किया गया और उनके खिलाफ अदालत की अवमानना (Contempt of Court) के लिए दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।रजिस्ट्रार (अनुपालन) को तुरंत इस आदेश के प्रभावी अनुपालन हेतु आवश्यक कानूनी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया है।इस आदेश के बाद से गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और अब सबकी नजरें कल होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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