नोएडा सेक्टर-150 के एल्डिको सोसाइटी में सेप्टिक/STP टैंक में हुई दो दर्दनाक मौतों के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएम और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। आखिर बिना सुरक्षा उपकरणों के कर्मचारियों को टैंक में क्यों उतारा गया और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई? जानिए पूरी खबर।
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नोएडा न्यूज़ | नोएडा सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसाइटी में एसटीपी/सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो लोगों की मौत के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएम और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। इस हादसे के बाद राष्ट्रीय सफाई आयोग ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। न्यूज़ डायरी टुडे की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। बता दें कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के तहत सेक्टर-150 में स्थित एल्डिको सोसाइटी में शनिवार-रविवार (25-26 जुलाई 2026) की मध्यरात्रि को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टैंक की सफाई का काम चल रहा था।राजस्थान के करौली निवासी 40 वर्षीय सफाई कर्मचारी शशिकांत शर्मा बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टैंक के अंदर सफाई करने उतरे और जहरीली गैस (मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड) की चपेट में आकर बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के लिए फिरोजाबाद निवासी 22 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड आकाश भी तुरंत टैंक में उतरे, लेकिन दम घुटने से वह भी अचेत हो गए।सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और नॉलेज पार्क थाना पुलिस की टीमों ने करीब 50 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को टैंक से बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने इस मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही सोसाइटी के बिल्डर, मेंटेनेंस हेड और सिक्योरिटी हेड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) और हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
राष्ट्रीय सफाई आयोग का नोटिस!
न्यूज़ डायरी टुडे की खबर पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और यूपी शासन को नोटिस भेजकर पूछा है कि बिना सुरक्षा किट के कर्मचारियों को टैंक में क्यों उतारा गया और पीड़ितों के परिवारों के लिएमुआवजे व न्याय की क्या व्यवस्था की जा रही है।