मुंबई से ग्रेटर नोएडा तक फैले ड्रग्स नेटवर्क का महाराष्ट्र ATS ने बड़ा खुलासा किया है। 4.73 किलो मेथामफेटामाइन, जिसकी कीमत करीब ₹9.40 करोड़ बताई गई है, बरामद हुई है। मामले में एक इजरायली नागरिक समेत तीन विदेशी आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
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नोएडा न्यूज़ | महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुंबई और ग्रेटर नोएडा से 9.40 करोड़ रुपये मूल्य की 4.7 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन (MD) ड्रग्स जब्त की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक इजरायली पुरुष और दो विदेशी महिलाओं सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी कार्रवाई मुंबई में हुई एक गिरफ्तारी और उसके बाद मिली गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में की गई छापेमारी के बाद पूरी हुई। बता दें कि यह पूरी सनसनीखेज कार्रवाई मंगलवार को मुंबई से शुरू हुई थी और महाराष्ट्र ATS की काळाचौकी यूनिट को एक गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने मुंबई के बांद्रा (पूर्व) इलाके में एक होटल के पास जाल बिछाया। वहां से एक इजरायली नागरिक को दबोचा गया, जिसके पास से 2,050 ग्राम मेथामफेटामाइन (कीमत ₹4 करोड़) बरामद हुई।जब ATS ने इस इजरायली तस्कर से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने ड्रग्स के मुख्य ठिकाने का खुलासा किया। उसने बताया कि यह खेप उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक अवैध फैक्ट्री से लाई गई थी।सूचना मिलते ही महाराष्ट्र ATS की टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई और स्थानीय पुलिस की मदद से ग्रेटर नोएडा के ठिकाने पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
जब्ती और बड़ी रिकवरी!
1-बांद्रा (पूर्व), मुंबई:बरामद ड्रग्स (मेथामफेटामाइन),
अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत।एक इजरायली तस्कर गिरफ्तार।
2-ग्रेटर नोएडा,यूपी: 2,688 ग्राम (2.68 किलो),अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत,5.40 करोड़।दो विदेशी महिलाएं गिरफ्तार।कुल रिकवरी 4.73 किलो अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत,9.40 करोड़ आंकी गई है और ड्रग बनाने वाली फैक्ट्री सील की गई है। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा की इस अवैध लैब से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और आधुनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
आरोपियों पर कानूनी शिकंजा?
पकड़े गए तीनों विदेशी नागरिक भारत में चल रहे इस बड़े सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क के मुख्य हिस्से थे। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।ATS अब यह जांच कर रही है कि इस फैक्ट्री में बनने वाली ड्रग्स को किन-किन राज्यों और किन शिक्षण संस्थानों या पार्टियों में सप्लाई किया जा रहा था।ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक केमिकल और प्रीकर्सर इन विदेशी नागरिकों तक कैसे पहुंच रहे थे, इसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।इस सिंडिकेट के तार विदेशों से जुड़े होने की आशंका के तहत वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) को भी खंगाला जा रहा है।यह कार्रवाई देश में एक्टिव विदेशी ड्रग्स सिंडिकेट्स के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की एक बेहद संगठित और बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।