Noida: नोएडा पुलिस ने बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर खुद को GST अधिकारी बताकर 29 लाख रुपये की लूट करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। बिसरख पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी लूटी गई रकम बरामद कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने फिल्म से प्रेरित होकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की।
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नोएडा न्यूज़ | गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जीएसटी अधिकारी बनकर लूट करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बिसरख पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पीड़ित से लूटी गई 29 लाख रुपये की पूरी रकम भी बरामद कर ली है। बता दें कि पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि उन्होंने बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर इस पूरी वारदात की स्क्रिप्ट लिखी थी। मुख्य आरोपी कशिश चौहान और पीड़ित (जीएसटी कंसलटेंट) साल 2021 से एक-दूसरे को जानते थे। कशिश को इस बात की जानकारी थी कि पीड़ित जीएसटी बिलों में हेरफेर का काम करता है। उसने पीड़ित की इसी कमजोरी को हथियार बनाया और अपने साथियों के साथ मिलकर लूट का पूरा ताना-बाना बुन डाला।वारदात वाले दिन पीड़ित जीएसटी कंसलटेंट अपने लैपटॉप और पालतू कुत्ते के साथ कार से निकले थे। रास्ते में कार सवार 4-5 बदमाशों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करके रोक लिया। खुद को जीएसटी विभाग के बड़े अधिकारी बताकर आरोपी जबरन पीड़ित की कार में बैठ गए।आरोपियों ने पीड़ित पर दो फर्मों के “फर्जी ई-वे बिल” बनाने का आरोप लगाया और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी। बदनामी और जेल जाने के डर से पीड़ित घबरा गया। इस ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपियों ने डरा-धमकाकर पीड़ित से 29 लाख रुपये नकद वसूल लिए। बदमाश इतने बेखौफ थे कि वे पीड़ित की कार और उनका कुत्ता भी अपने साथ ले गए, हालांकि बाद में उन्होंने कुत्ते को एक्सप्रेस-वे पर छोड़ दिया था।
पुलिस का एक्शन और गिरफ्तारी!
शिकायत मिलने के बाद बिसरख पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, सर्विलांस सेल की मदद ली और लोकल इंटेलिजेंस को एक्टिव किया। सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने जलपुरा रोड, इस्कॉन मंदिर के पास घेराबंदी करके पांचों आरोपियों को दबोच लिया।पुलिस जांच में साफ हुआ है कि पकड़ा गया कोई भी आरोपी असली अधिकारी या पुलिसवाला नहीं है। इन सबने सिर्फ वर्दी और रौब का इस्तेमाल करके ठगी की थी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है कि कशिश चौहान उर्फ ईशू: यशोभूमि द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ (DCPO) (मुख्य साजिशकर्ता)।विवेक शर्मा: बल्लभगढ़ का पूर्व डीसीपीओ (DCPO)।राजेश पवार: दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल से जुड़ा हुआ।अंकित शाही: ग्रिल का काम करने वाला और वारदात में इस्तेमाल कार का मालिक।अंशुल: प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाला है।
पुलिस की अपील: रहें सतर्क
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने इस खुलासे के साथ ही आम जनता के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। पुलिस ने साफ किया है कि कोई भी असली सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी इस तरह रास्ते में गाड़ी रोककर या कार के भीतर बैठकर वसूली नहीं करता है। अगर कोई भी खुद को अधिकारी बताकर इस तरह का दबाव बनाए, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है।
